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ImmigrationPolicy – अमेरिकी सख्ती से प्रवासी मैक्सिकन परिवारों में बढ़ी चिंता

ImmigrationPolicy – अमेरिका में अवैध प्रवासियों को लेकर अपनाई जा रही सख्त नीतियों के बीच मैक्सिको सरकार ने नए अमेरिकी आदेश के प्रभाव का अध्ययन शुरू कर दिया है। यह आदेश उन लोगों को प्रभावित कर सकता है जो बिना वैध दस्तावेजों के अमेरिका में रह रहे हैं। नए नियमों के तहत बैंकिंग सेवाओं और वित्तीय लेन-देन पर निगरानी बढ़ाई जा सकती है, जिससे प्रवासी समुदाय में चिंता बढ़ गई है।

मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबॉम ने कहा कि उनकी सरकार इस फैसले के संभावित असर का विस्तृत विश्लेषण कर रही है। खासतौर पर उन रेमिटेंस पर ध्यान दिया जा रहा है, जो अमेरिका में काम कर रहे मैक्सिकन नागरिक अपने परिवारों को भेजते हैं।

वित्तीय लेन-देन पर बढ़ सकती है निगरानी

राष्ट्रपति शीनबॉम ने अपनी नियमित प्रेस वार्ता में बताया कि मैक्सिको का वित्त मंत्रालय और अमेरिका में नियुक्त नए राजदूत रॉबर्टो लाजेरी इस विषय पर लगातार अध्ययन कर रहे हैं। शुरुआती आकलन में फिलहाल किसी बड़े खतरे की आशंका नहीं जताई गई है, लेकिन सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

अमेरिकी प्रशासन के नए आदेश के तहत बैंक खाते खोलने, धन हस्तांतरण और अन्य वित्तीय सेवाओं के दौरान पहचान और इमिग्रेशन स्थिति की अधिक गहन जांच की जा सकती है। इससे कई प्रवासियों की आर्थिक गतिविधियां सीधे निगरानी के दायरे में आ सकती हैं।

ट्रंप प्रशासन ने बढ़ाई सख्ती

व्हाइट हाउस के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 19 मई को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे। इस आदेश में बैंकों और वित्तीय संस्थाओं को ग्राहकों की नागरिकता और इमिग्रेशन स्थिति से जुड़े संदिग्ध मामलों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है।

अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि अवैध रूप से रह रहे लोगों को बैंकिंग और ऋण सुविधाएं देने से वित्तीय प्रणाली पर जोखिम बढ़ सकता है। इसी वजह से नए नियमों के जरिए वित्तीय रिकॉर्ड और लेन-देन की जांच को और कड़ा बनाया जा रहा है।

प्रवासियों के भविष्य को लेकर चिंता

डोनाल्ड ट्रंप ने इस मुद्दे पर कहा कि कई ऐसे लोग हैं जिन्हें अमेरिका से निकाले जाने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास कानूनी काम करने की अनुमति नहीं है, तो उसे ऋण देना वित्तीय संस्थाओं के लिए जोखिम भरा हो सकता है।

ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि ऐसे मामलों में कर्ज चुकाने की क्षमता प्रभावित हो सकती है, जिससे बैंकिंग व्यवस्था की स्थिरता पर असर पड़ सकता है। इसी आधार पर वित्तीय निगरानी को राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है।

रेमिटेंस टैक्स पर भी जारी है बहस

इसी बीच अमेरिकी कांग्रेस में विदेश भेजे जाने वाले पैसों पर अतिरिक्त टैक्स लगाने को लेकर भी चर्चा चल रही है। प्रस्ताव के तहत रेमिटेंस पर 5 प्रतिशत टैक्स लगाने की बात कही गई है। फिलहाल नकद लेन-देन पर 1 प्रतिशत टैक्स लागू है।

मैक्सिको सरकार ने इस प्रस्ताव पर चिंता जताई है। अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका में काम कर रहे मैक्सिकन नागरिक पहले ही वहां टैक्स देते हैं, ऐसे में अतिरिक्त टैक्स लगाना दोहरी कर व्यवस्था जैसा होगा।

मैक्सिको की अर्थव्यवस्था के लिए अहम हैं रेमिटेंस

अमेरिका से भेजी जाने वाली धनराशि मैक्सिको की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। लाखों परिवार अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए इन्हीं पैसों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में किसी भी नए प्रतिबंध या टैक्स का सीधा असर आम लोगों पर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की नई नीतियां आने वाले समय में प्रवासी समुदाय और दोनों देशों के आर्थिक संबंधों पर असर डाल सकती हैं।

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