CabinetDecisions – बिहार सरकार ने DA बढ़ाया, मंजूर हुए कई बड़े प्रस्ताव
CabinetDecisions – पटना स्थित मुख्य सचिवालय में बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की अहम बैठक आयोजित हुई। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद हुई इस पहली कैबिनेट बैठक में कर्मचारियों, उद्योग, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक में कुल 18 प्रस्तावों पर मुहर लगी, जिनमें सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी सबसे प्रमुख रही।

राज्य सरकार के फैसले के अनुसार, सातवें वेतनमान के तहत वेतन और पेंशन पाने वाले कर्मचारियों तथा पेंशनभोगियों का महंगाई भत्ता और राहत 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।
पांचवें वेतनमान वालों को भी राहत
वित्त विभाग की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, पांचवें वेतनमान के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए भी महंगाई भत्ते में वृद्धि को मंजूरी दी गई है। इसे 474 प्रतिशत से बढ़ाकर 483 प्रतिशत किया गया है।
सरकार का कहना है कि महंगाई के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत देने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है। इससे लाखों सरकारी कर्मियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
पटना मेट्रो परियोजना को बड़ी वित्तीय मंजूरी
कैबिनेट बैठक में पटना मेट्रो रेल परियोजना के लिए भी महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। कॉरिडोर-1 और कॉरिडोर-2 के निर्माण कार्य के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु राज्य सरकार के हिस्से के रूप में 768 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है।
सरकार का मानना है कि इस परियोजना से राजधानी पटना में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और शहरी परिवहन को नई दिशा मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार, मेट्रो निर्माण कार्य को तेज गति से आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए नए एम्बुलेंस
स्वास्थ्य विभाग से जुड़े प्रस्तावों में राज्य के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के लिए 121 नए एम्बुलेंस खरीदने की मंजूरी भी शामिल है। इसके लिए 42 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है।
इनमें एडवांस लाइफ सपोर्ट और बेसिक लाइफ सपोर्ट दोनों प्रकार के एम्बुलेंस शामिल होंगे। सरकार का कहना है कि इससे मरीजों को आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं अधिक प्रभावी तरीके से उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
उद्योग और रोजगार को बढ़ावा देने की तैयारी
कैबिनेट ने उद्योग क्षेत्र से जुड़े कई संशोधनों को भी मंजूरी दी। “मुख्यमंत्री सूक्ष्म एवं लघु उद्योग क्लस्टर विकास योजना” का नाम बदलकर “मुख्यमंत्री सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग क्लस्टर विकास योजना” कर दिया गया है।
इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में सामान्य सुविधा केंद्र स्थापित करने के लिए विशेष उपक्रम बनाने का फैसला लिया गया है। सरकार का कहना है कि इससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
फतुहा में डेयरी उत्पादन इकाई स्थापित करने के लिए करीब 97 करोड़ रुपये के निजी निवेश को भी मंजूरी दी गई है। इस परियोजना से लगभग 170 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना जताई गई है।
कानून व्यवस्था और नगर निकाय सेवा में बदलाव
कैबिनेट ने पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सीवान जिलों में पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के नए पद सृजित करने की मंजूरी दी है। सरकार का मानना है कि इससे अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा बिहार नगरपालिका योजना सेवा संवर्ग के विभिन्न पदों के लिए नई वेतन संरचना भी स्वीकृत की गई है। अधिकारियों के अनुसार, इससे संबंधित कर्मियों को वित्तीय लाभ मिलेगा और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को मजबूती मिलेगी।