WrestlingRow – विनेश और बृजभूषण के पोस्ट से फिर गरमाया विवाद
WrestlingRow – पहलवान विनेश फोगाट और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। इस बार मामला सोशल मीडिया पर साझा की गई पोस्ट और शेरो-शायरी को लेकर सुर्खियों में है। गोंडा के नंदिनी नगर में आयोजित सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती प्रतियोगिता के बीच दोनों पक्षों की प्रतिक्रियाओं ने खेल जगत में नई बहस छेड़ दी है।

विनेश फोगाट ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि जिंदगी मुश्किल दौर से गुजर रही है, लेकिन आत्मसम्मान और हौसला अब भी कायम है। उनकी पोस्ट को उनके समर्थक संघर्ष और दबाव के बीच खुद को मजबूत बनाए रखने के संकेत के तौर पर देख रहे हैं।
शेरो-शायरी से बढ़ी चर्चा
विनेश की पोस्ट के कुछ समय बाद ही बृजभूषण शरण सिंह ने भी सोशल मीडिया पर एक शेर साझा किया। इसमें उन्होंने शोहरत और समय की बदलती परिस्थितियों का जिक्र किया। हालांकि दोनों नेताओं ने सीधे तौर पर किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे एक-दूसरे को जवाब देने के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक और खेल हलकों में यह चर्चा तेज हो गई कि दोनों के बीच तनाव अब सार्वजनिक तौर पर सोशल मीडिया पोस्ट तक पहुंच चुका है।
प्रतियोगिता को लेकर शुरू हुआ विवाद
पूरा विवाद नंदिनी नगर में 10 से 12 मई तक आयोजित सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती प्रतियोगिता से जुड़ा है। हाल के दिनों में विनेश फोगाट ने इस आयोजन स्थल को लेकर अपनी असहमति जताई थी। इसके बाद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा था कि इस आयोजन से उनका सीधा संबंध नहीं है और प्रतियोगिता भारतीय कुश्ती संघ की ओर से कराई जा रही है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि आयोजन की जिम्मेदारी संघ की है और वह किसी प्रशासनिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं कर रहे हैं।
कुश्ती संघ अध्यक्ष का बयान
भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष संजय सिंह ने भी इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विनेश फोगाट को अनुशासनहीनता को लेकर नोटिस भेजा गया था और यदि समय पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो आगे कार्रवाई की जा सकती है।
संजय सिंह ने कहा कि संघ ने विनेश को प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए हर संभव सुरक्षा और सुविधा देने का आश्वासन दिया था। उनके अनुसार, खिलाड़ियों की सुरक्षा और निष्पक्ष मुकाबले सुनिश्चित करना संघ की प्राथमिकता है।
आंदोलन के असर का भी किया जिक्र
कुश्ती संघ अध्यक्ष ने 2023 में हुए पहलवान आंदोलन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस विवाद का असर भारतीय कुश्ती की तैयारियों और प्रदर्शन पर पड़ा। उनका दावा था कि ओलंपिक में भारत को अधिक पदकों की उम्मीद थी, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अब भारतीय कुश्ती धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौट रही है और युवा खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। संघ ने 2028 ओलंपिक की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।
प्रतियोगिता में बड़ी भागीदारी
नंदिनी नगर में चल रही प्रतियोगिता में देशभर से बड़ी संख्या में पहलवान पहुंचे हैं। संघ के मुताबिक, 28 राज्यों के खिलाड़ी इसमें हिस्सा ले रहे हैं। खासतौर पर हरियाणा से बड़ी संख्या में महिला और पुरुष पहलवान प्रतियोगिता में शामिल हुए हैं।
रैंकिंग प्रतियोगिता का उद्देश्य नए खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना और भविष्य की बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए मंच तैयार करना बताया गया है।