बिहार

Exam Scam – बीपीएससी एडीईओ परीक्षा में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा, 22 गिरफ्तार

Exam Scam – बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) द्वारा 14 और 15 अप्रैल को आयोजित सहायक शिक्षा विकास अधिकारी (एडीईओ) परीक्षा में एक संगठित नकल गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में इस मामले से जुड़े 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें कथित मास्टरमाइंड, तीन बिचौलिये और 18 अभ्यर्थी शामिल हैं। आरोप है कि परीक्षा पास कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से 15 से 20 लाख रुपये तक वसूले जा रहे थे।

गिरफ्तार आरोपियों में नेटवर्क के मुख्य किरदार शामिल

जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन सूजल कुमार नामक व्यक्ति कर रहा था, जिसे पुलिस ने उसके ठिकाने से गिरफ्तार किया। इसके अलावा समीर कुमार (पटना), प्रियांशु कुमार (धरहरा) और प्रशांत कुमार (कहलगांव, भागलपुर) को भी हिरासत में लिया गया है। ये सभी कथित तौर पर अभ्यर्थियों और मास्टरमाइंड के बीच कड़ी का काम कर रहे थे। पुलिस ने इन्हें अलग-अलग स्थानों से पकड़ा, जिनमें कुछ को होटल से भी गिरफ्तार किया गया।

व्हाट्सएप ग्रुप से मिली अहम जानकारी

पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच के दौरान एक व्हाट्सएप ग्रुप मिला, जिसमें सैकड़ों अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड मौजूद थे। इस खुलासे के बाद यह आशंका जताई जा रही है कि यह गिरोह सिर्फ एक जिले तक सीमित नहीं, बल्कि कई जिलों में सक्रिय हो सकता है। अब पुलिस इस डिजिटल सबूत के आधार पर नेटवर्क की गहराई तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

बायोमेट्रिक प्रक्रिया के दौरान की जाती थी हेराफेरी

पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद के अनुसार, परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन के समय इस गिरोह की योजना को अंजाम दिया जाता था। आरोप है कि बायोमेट्रिक ऑपरेटर की मिलीभगत से प्रश्नपत्र की तस्वीर मोबाइल से खींचकर मास्टरमाइंड तक भेजी जाती थी। इसके बाद हल किए गए प्रश्नों को वापस बिचौलियों के जरिए अभ्यर्थियों तक पहुंचाया जाता था। इस दौरान छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का भी इस्तेमाल किया गया, जिन्हें पुलिस ने बरामद किया है।

एक ही कोचिंग सेंटर से जुड़े थे सभी अभ्यर्थी

जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार सभी 18 अभ्यर्थियों ने एक ही कोचिंग संस्थान के माध्यम से इस गिरोह से संपर्क किया था। पुलिस ने उस कोचिंग सेंटर की पहचान कर ली है और उसके संचालक के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे इस मामले में संस्थागत स्तर पर मिलीभगत की आशंका भी मजबूत हुई है।

केंद्राधीक्षक पर भी गिरी कार्रवाई की गाज

इस पूरे मामले में परीक्षा केंद्र की जिम्मेदारी निभा रही उपेन्द्र ट्रेनिंग स्कूल की केंद्राधीक्षक अर्चना कुमारी को निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि उन्होंने बायोमेट्रिक प्रक्रिया के दौरान ऑपरेटर को एंड्रॉयड मोबाइल इस्तेमाल करने की अनुमति दी, जिससे इस फर्जीवाड़े को अंजाम देना संभव हुआ।

पुलिस कर रही नेटवर्क की गहराई से जांच

एसपी सैयद इमरान मसूद ने बताया कि मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। व्हाट्सएप ग्रुप और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है। उन्होंने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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