राष्ट्रीय

Compensation – सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को मिला 7.76 लाख मुआवजा

Compensation – ठाणे के मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) ने एक अहम फैसले में सड़क हादसे में घायल हुए व्यक्ति को 7.76 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह मामला साल 2015 में हुए एक हादसे से जुड़ा है, जिसमें एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल होकर स्थायी आंशिक विकलांगता का शिकार हो गया था। अधिकरण ने संबंधित बस के बीमाकर्ता को यह राशि अदा करने का निर्देश दिया है।

बीमाकर्ता की दलीलें खारिज

अधिकरण की अध्यक्षता कर रहे के.पी. श्रीखंडे ने 25 मार्च को यह फैसला सुनाया। सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने यह तर्क रखा था कि हादसे में घायल व्यक्ति की भी कुछ हद तक लापरवाही हो सकती है या उसने बीमा शर्तों का उल्लंघन किया होगा। हालांकि, अधिकरण ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया। आदेश में स्पष्ट कहा गया कि बीमाकर्ता की ओर से ऐसा कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे याचिकाकर्ता की लापरवाही साबित हो सके।

बस मालिक की अनुपस्थिति में एकतरफा फैसला

इस मामले में बस का मालिक अधिकरण के समक्ष पेश नहीं हुआ, जिसके चलते उसके खिलाफ एकतरफा निर्णय दिया गया। वहीं, याचिकाकर्ता वाहिद अजीज खान, जो पेशे से ड्राइवर थे, की याचिका को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए मुआवजा तय किया गया। अधिकरण ने बीमा कंपनी को निर्देश दिया कि वह निर्धारित राशि का भुगतान करे।

हादसे की पूरी घटना

यह दुर्घटना 28 अगस्त 2015 को मुंबई के सायन-कुर्ला रोड पर एक मस्जिद के पास हुई थी। उस समय याचिकाकर्ता सड़क किनारे नमाज अदा कर रहे थे। इसी दौरान एक तेज रफ्तार स्कूल बस ने एक टेम्पो को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि टेम्पो पलट गया और वहां मौजूद लोगों के ऊपर गिर पड़ा। इस हादसे में वाहिद अजीज खान सहित कई लोग घायल हुए, जिनमें खान को गंभीर चोटें आईं।

चोट और स्थायी विकलांगता का असर

हादसे के बाद खान को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी पसलियों और कंधे की हड्डी में फ्रैक्चर का इलाज किया गया। सर्जरी के बाद चिकित्सकीय मूल्यांकन में यह सामने आया कि उन्हें स्थायी आंशिक विकलांगता हुई है। अधिकरण ने उनकी कार्यात्मक विकलांगता लगभग 30 प्रतिशत मानी, जिसका असर उनकी आजीविका पर भी पड़ा।

आय के आधार पर तय हुआ मुआवजा

याचिकाकर्ता ने 39 लाख रुपये से अधिक के मुआवजे की मांग की थी। हालांकि, उनकी आय से जुड़े पर्याप्त दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के कारण अधिकरण ने उनकी संभावित मासिक आय 10,500 रुपये मानी। इसी आधार पर विभिन्न मदों को जोड़ते हुए कुल 7,76,590 रुपये का मुआवजा निर्धारित किया गया।

मुआवजे में शामिल खर्च और ब्याज

निर्धारित मुआवजे में इलाज का खर्च, उपचार के दौरान आय का नुकसान, भविष्य की कमाई में कमी, दर्द और मानसिक पीड़ा, तथा जीवन की गुणवत्ता पर पड़े असर जैसे पहलुओं को शामिल किया गया है। अधिकरण ने यह भी निर्देश दिया कि इस राशि पर 3 नवंबर 2022 से भुगतान होने तक 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी दिया जाएगा।

Related Articles

Back to top button

Adblock Detected

Please disable your AdBlocker first, and then you can watch everything easily.