TamilNaduElections – स्टालिन ने पलानीस्वामी की दिल्ली यात्रा पर उठाए सवाल
TamilNaduElections – तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। इसी बीच मुख्यमंत्री और द्रमुक प्रमुख एमके स्टालिन ने विपक्ष के नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी की हालिया दिल्ली यात्रा को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य से जुड़े अहम फैसले अब तमिलनाडु के बाहर तय किए जा रहे हैं। स्टालिन के इस बयान ने चुनावी बहस को और तेज कर दिया है।

दिल्ली दौरे के मकसद पर सवाल
पार्टी कार्यकर्ताओं को लिखे एक पत्र में स्टालिन ने पलानीस्वामी की यात्रा के उद्देश्य को लेकर कई सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि क्या यह दौरा राज्य के लिए वित्तीय सहायता जुटाने या लंबित परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए किया गया था। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि क्या इस यात्रा का मकसद तमिलनाडु के अधिकारों की रक्षा करना था। स्टालिन ने संकेत दिया कि इन सवालों का जवाब नकारात्मक है और इस यात्रा के पीछे अन्य राजनीतिक कारण हो सकते हैं।
गठबंधन की राजनीति पर निशाना
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल अब अपनी रणनीति राज्य के बाहर तैयार कर रहा है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की जनता इस बात को समझ रही है और ऐसे कदमों को स्वीकार नहीं करेगी। स्टालिन के अनुसार, राज्य की राजनीति में स्थानीय हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, न कि बाहरी प्रभाव को।
कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारी का संदेश
स्टालिन ने अपने कार्यकर्ताओं से आगामी चुनावों के लिए पूरी ताकत से जुटने की अपील की। उन्होंने भरोसा जताया कि उनकी पार्टी और सहयोगी दल मिलकर एक बार फिर जनता का समर्थन हासिल करेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले कार्यकाल में सरकार द्वारा किए गए कामों के आधार पर जनता का विश्वास कायम है।
सरकार की उपलब्धियों का जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के कामकाज को द्रविड़ियन मॉडल 2.0 का हिस्सा बताते हुए कई क्षेत्रों में किए गए प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और रोजगार के क्षेत्र में लागू की गई योजनाओं को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया जारी है और इसके तहत विभिन्न जिलों के संभावित प्रत्याशियों से बातचीत की जा रही है।
विजन और घोषणापत्र की तैयारी
स्टालिन ने तमिलनाडु 2030 विजन का जिक्र करते हुए बताया कि राज्य के समग्र विकास के लिए कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है। इसमें आवास, बुनियादी ढांचा, शिक्षा और रोजगार जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि पार्टी का चुनावी घोषणापत्र जल्द ही जारी किया जाएगा, जिसमें इन सभी पहलुओं को शामिल किया जाएगा।
विपक्ष की ओर से भी गतिविधियां तेज
उधर, एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने अपने दिल्ली दौरे के दौरान संकेत दिए थे कि राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन को लेकर बातचीत आगे बढ़ रही है और जल्द ही सीटों के बंटवारे की घोषणा की जा सकती है। उन्होंने कुछ अन्य दलों के साथ संभावित गठबंधन की अटकलों को खारिज किया है। राज्य में 23 अप्रैल को मतदान और 4 मई को मतगणना प्रस्तावित है, जिसके चलते सभी दल अपनी-अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।