WeatherUpdate – उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी के आसार, जारी हुआ अलर्ट
WeatherUpdate – उत्तराखंड में मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र ने बुधवार को भी राज्य के कई पर्वतीय इलाकों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी भी हो सकती है। खराब मौसम को देखते हुए कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

पूर्वानुमान के मुताबिक पर्वतीय क्षेत्रों में बिजली चमकने के साथ करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार 3600 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी देखने को मिल सकती है। वहीं कई पर्वतीय जिलों में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं। बदलते मौसम के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने की वजह से प्रदेश के मौसम में लगातार बदलाव बना हुआ है। इससे पहाड़ी इलाकों में ठंड का असर एक बार फिर बढ़ गया है।
मसूरी में लगातार पांचवें दिन बारिश
मसूरी में मंगलवार को लगातार पांचवें दिन भी तेज बारिश होती रही। दिनभर रुक-रुक कर हुई बरसात से शहर की सामान्य गतिविधियां प्रभावित रहीं। मालरोड समेत कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
कुछ स्थानों पर सड़क पर इतना पानी भर गया कि लोगों को रेलिंग पकड़कर रास्ता पार करना पड़ा। लगातार बारिश के चलते फिसलन भी बढ़ गई है, जिससे पैदल चलने वालों को दिक्कतें हो रही हैं।
पर्यटन कारोबार पर असर
खराब मौसम का असर पर्यटन गतिविधियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। बारिश और ठंडी हवाओं के कारण कई पर्यटक होटल और गेस्ट हाउस में ही रहने को मजबूर रहे। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि लगातार खराब मौसम की वजह से बाजारों में रौनक कम हो गई है।
मसूरी आने वाले पर्यटक आमतौर पर खुले मौसम और घूमने-फिरने की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, लेकिन लगातार बारिश के कारण कई लोगों ने अपने कार्यक्रम सीमित कर दिए हैं। इससे होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों की आमदनी प्रभावित हो रही है।
जलभराव से लोगों में नाराजगी
मालरोड और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव को लेकर स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान हर बार ऐसी स्थिति बन जाती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे।
पूर्व पालिकाध्यक्ष ओपी उनियाल ने भी सड़क व्यवस्था और जलनिकासी प्रणाली को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मालरोड जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में पानी भरना गंभीर समस्या है और संबंधित विभागों को इस पर ध्यान देना चाहिए।
प्रशासन सतर्क, लोगों से सावधानी की अपील
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन भी सतर्क हो गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है और लोगों से मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की अपील की गई है।
विशेष रूप से पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने वालों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। विभाग ने कहा है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक जोखिम लेने से बचना चाहिए।