TradeTalks – बीजिंग में ट्रंप और शी की मुलाकात पर टिकी हैं दुनिया की नजरें…
TradeTalks – अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुधवार को चीन के राजकीय दौरे पर बीजिंग पहुंचने वाले हैं, जहां उनकी मुलाकात चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होगी। दोनों देशों के बीच यह उच्चस्तरीय बैठक ऐसे समय हो रही है जब वैश्विक व्यापार, तकनीक और पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर कई बड़े मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है। अमेरिका और चीन दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं, इसलिए इस मुलाकात को वैश्विक राजनीति और कारोबारी माहौल के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

व्यापार और टैरिफ विवाद पर रहेगा मुख्य फोकस
व्हाइट हाउस के अनुसार, ट्रंप के बीजिंग पहुंचने के बाद गुरुवार को उनका औपचारिक स्वागत किया जाएगा। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी। शुक्रवार को भी दोनों नेता अलग-अलग दौर की बैठकों में हिस्सा लेंगे। माना जा रहा है कि बातचीत का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा व्यापार और टैरिफ से जुड़ा रहेगा। पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका और चीन के बीच बढ़े शुल्क विवाद का असर दोनों देशों के अरबों डॉलर के कारोबार पर पड़ा है। अब दोनों पक्ष इस तनाव को कम करने की दिशा में रास्ता तलाशना चाहते हैं।
तकनीक और ताइवान पर भी हो सकती है चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच व्यापार के अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, तकनीकी सहयोग, रेयर अर्थ सप्लाई और ताइवान से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। अमेरिका की ओर से ताइवान को हथियार आपूर्ति को लेकर चीन पहले ही आपत्ति जता चुका है। ऐसे में यह मुद्दा बैठक के दौरान प्रमुखता से उठ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के बावजूद संवाद बनाए रखना वैश्विक स्थिरता के लिए जरूरी है।
दक्षिण कोरिया में भी होगी अहम वार्ता
इस दौरे से पहले चीन के उप-प्रधानमंत्री ही लिफेंग दक्षिण कोरिया में अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट से मुलाकात करेंगे। यह बैठक व्यापारिक मतभेदों को कम करने की कोशिश का हिस्सा मानी जा रही है। दोनों पक्षों के बीच टैरिफ, तकनीक और आपूर्ति श्रृंखला जैसे विषयों पर बातचीत होगी। माना जा रहा है कि इन चर्चाओं के नतीजे ट्रंप और शी की मुख्य बैठक के एजेंडे को भी प्रभावित कर सकते हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रम भी दौरे का हिस्सा
बीजिंग यात्रा के दौरान ट्रंप ऐतिहासिक ‘टेम्पल ऑफ हेवन’ का भी दौरा करेंगे। यह चीन की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का अहम हिस्सा माना जाता है। पुराने समय में यहां सम्राट अच्छी फसल और समृद्धि के लिए पूजा किया करते थे। चीन इस दौरे को केवल राजनीतिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक कूटनीति के रूप में भी पेश करना चाहता है।
अमेरिकी कंपनियों की मौजूदगी से बढ़ीं उम्मीदें
इस बार ट्रंप के साथ कई बड़ी अमेरिकी कंपनियों के शीर्ष अधिकारी भी चीन पहुंच रहे हैं। इनमें टेस्ला प्रमुख एलन मस्क और एप्पल के सीईओ टिम कुक जैसे नाम शामिल हैं। चीन को उम्मीद है कि इस दौरे से निवेश और कारोबारी सहयोग को नई गति मिल सकती है। हाल के महीनों में चीन के बाजार में एप्पल और टेस्ला दोनों की स्थिति मजबूत हुई है, जिससे कारोबारी माहौल को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हैं।
पश्चिम एशिया संकट पर भी हो सकती है बातचीत
विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच खाड़ी क्षेत्र की मौजूदा स्थिति और ईरान से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है। चीन पहले ही होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने की अपील कर चुका है। वहीं अमेरिका लगातार ईरान की नीतियों पर सवाल उठाता रहा है। चीन के कई पश्चिम एशियाई देशों के साथ मजबूत आर्थिक संबंध हैं, इसलिए वह क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के पक्ष में नजर आता है।
वैश्विक राजनीति में अहम मानी जा रही मुलाकात
चीन के सरकारी मीडिया ने इस यात्रा को दोनों देशों के संबंधों में स्थिरता लाने का अवसर बताया है। वहीं अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा वैश्विक हालात में अमेरिका और चीन के बीच संवाद का जारी रहना बेहद जरूरी है। इस मुलाकात के नतीजों का असर आने वाले समय में वैश्विक व्यापार, तकनीक और कूटनीतिक संबंधों पर देखने को मिल सकता है।