ParliamentReport – दो साल पूरे होने पर सांसद सुधाकर सिंह ने पेश किया कार्यों का विस्तृत ब्यौरा
ParliamentReport – बक्सर लोकसभा क्षेत्र से राष्ट्रीय जनता दल के सांसद सुधाकर सिंह ने अपने संसदीय कार्यकाल के दो वर्ष पूरे होने पर जनता के सामने अपने कामकाज का विस्तृत विवरण रखा है। उन्होंने क्षेत्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनता के समर्थन और भरोसे के कारण उन्हें संसद में बक्सर की आवाज उठाने का अवसर मिला। सांसद ने दावा किया कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान क्षेत्र की समस्याओं, विकास संबंधी जरूरतों और लोगों की अपेक्षाओं को लगातार राष्ट्रीय स्तर पर रखने का प्रयास किया है।

संसद में क्षेत्रीय मुद्दों को उठाने का दावा
सुधाकर सिंह के अनुसार, पिछले दो वर्षों में उन्होंने संसद के विभिन्न सत्रों में बक्सर और बिहार से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों को उठाया। इनमें बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे, केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना, रेलवे सुविधाओं का विस्तार, किसानों की समस्याएं, मक्का अनुसंधान केंद्र की मांग और अन्य विकास परियोजनाएं शामिल रहीं। उनका कहना है कि इन मुद्दों के माध्यम से क्षेत्र की आवाज को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
शिक्षा और युवाओं के लिए योजनाओं पर जोर
सांसद ने बताया कि बक्सर केंद्रीय विद्यालय के लिए स्थायी भूमि उपलब्ध कराए जाने से भवन निर्माण का रास्ता साफ हुआ है। इसके साथ ही 560 सीटों वाले अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय को मंजूरी मिलने की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्वीकृति भी प्राप्त हुई है। कैमूर में केंद्रीय विद्यालय और कई नए डिग्री कॉलेजों की स्थापना की दिशा में भी प्रगति हुई है।
सड़क और रेल परियोजनाओं को मिली गति
रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्र में कई सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है। ब्रह्मपुर-कोरानसराय-इटाढ़ी-सरेंजा सड़क, चौसा-कोचस फोरलेन, इटाढ़ी बाजार फोरलेन तथा अन्य मार्गों के चौड़ीकरण की योजनाएं आगे बढ़ रही हैं। बक्सर, चौसा, रामगढ़, डुमरांव और दावथ से जुड़ी बाईपास परियोजनाओं को भी मंजूरी मिलने की बात कही गई।
रेलवे ढांचे के विस्तार पर फोकस
सुधाकर सिंह ने बताया कि बक्सर रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण के लिए लगभग 96 करोड़ रुपये की परियोजना अंतिम चरण में है। डुमरांव, रघुनाथपुर, टुड़ीगंज और बक्सर में रेलवे ओवरब्रिज निर्माण को भी स्वीकृति मिली है। इसके अलावा गंगा नदी पर नए पुल और दिलदारनगर से भभुआ तक नई रेल लाइन के लिए भी पहल की गई है।
ऊर्जा, सिंचाई और औद्योगिक विकास की दिशा में कदम
सांसद के अनुसार, चौसा ताप विद्युत परियोजना का पहला यूनिट शुरू हो चुका है और दूसरा यूनिट भी जल्द चालू होने की उम्मीद है। बिजली आपूर्ति को मजबूत करने के लिए कई पावर हाउसों में क्षमता वृद्धि की गई है। नावानगर औद्योगिक क्षेत्र को विशेष आर्थिक क्षेत्र का दर्जा मिलने और नए ग्रिड स्टेशन की स्वीकृति को भी उन्होंने क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
उन्होंने कहा कि फल, सब्जी उत्पादन और मत्स्य पालन को प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाओं को मंजूरी मिली है। गोकुल जलाशय के जीर्णोद्धार, डेयरी परियोजनाओं और गोकुल मिशन के तहत देशी नस्ल की गायों के संरक्षण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य और जनसेवा से जुड़े प्रयास
सुधाकर सिंह ने बताया कि पिछले दो वर्षों में पटना और दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में 1,500 से अधिक जरूरतमंद मरीजों को इलाज और भर्ती में सहायता उपलब्ध कराई गई। उन्होंने कहा कि जनसेवा को प्राथमिकता देते हुए हर संभव सहयोग करने का प्रयास किया गया है। डुमरांव में बन रहा मेडिकल कॉलेज भी निर्माण के अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
पर्यटन, खेल और शहरी विकास की पहल
बक्सर नगर में सीवरेज परियोजना की शुरुआत, पर्यटन होटल के नवीनीकरण और खेलो इंडिया योजना के तहत आधुनिक स्टेडियम निर्माण को भी उन्होंने उपलब्धियों में शामिल किया। साथ ही विभिन्न स्थानों पर प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की जानकारी दी गई।
कई बड़ी परियोजनाओं पर अभी जारी है प्रयास
सांसद ने कहा कि कई महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए अभी भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इनमें डुमरांव-बलिया रेल लाइन, बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे का क्रियान्वयन, नए घाटों का निर्माण, ग्रामीण सड़कों का विस्तार और पर्यटन स्थलों के विकास जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। विश्वविद्यालय स्थापना और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को लेकर भी पहल जारी रहने की बात कही गई।
जनता के भरोसे को बताया सबसे बड़ी ताकत
अपने संबोधन के अंत में सुधाकर सिंह ने कहा कि बक्सर को विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का अभियान जारी रहेगा। उन्होंने जनता के विश्वास और सहयोग को अपनी सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए क्षेत्र के लिए निरंतर काम करने का संकल्प दोहराया।