उत्तराखण्ड

MedicalAlert – कर्णप्रयाग में बच्चे की नाक से जोंक निकालर डॉक्टरों ने बचाई जान

MedicalAlert – कर्णप्रयाग उपजिला चिकित्सालय में डॉक्टरों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक छोटे बच्चे को बड़ी परेशानी से राहत मिली। करीब 11 महीने के एक शिशु की नाक से लगातार खून आने की शिकायत के बाद जब परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, तो जांच में जो कारण सामने आया, उसने सभी को चौंका दिया। बच्चे की नाक के भीतर जोंक पाई गई, जिसे चिकित्सकों ने सावधानीपूर्वक बाहर निकाल दिया।

लगातार खून आने से घबराए परिजन

परिजनों के अनुसार, पिछले तीन से चार दिनों से बच्चे की नाक से बीच-बीच में खून बह रहा था। शुरुआत में इसे सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज किया गया, लेकिन जब स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो परिवार के लोग चिंतित हो गए। बच्चे की हालत को देखते हुए उसे तुरंत कर्णप्रयाग उपजिला चिकित्सालय लाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच शुरू की।

जांच के दौरान सामने आई असामान्य वजह

अस्पताल में ईएनटी विशेषज्ञ द्वारा की गई जांच में बच्चे की नाक के भीतर एक जोंक दिखाई दी। यह स्थिति असामान्य होने के साथ ही जोखिम भरी भी थी, क्योंकि जोंक लगातार खून चूसती रहती है, जिससे रक्तस्राव बंद नहीं हो पाता। डॉक्टरों ने बिना देरी किए आवश्यक उपकरणों की मदद से जोंक को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला।

सावधानी और विशेषज्ञता से किया गया उपचार

चिकित्सकों ने इस प्रक्रिया को बेहद सावधानी से अंजाम दिया, ताकि बच्चे को किसी तरह की अतिरिक्त परेशानी न हो। जोंक को निकालने के बाद बच्चे की स्थिति में सुधार देखा गया और खून आना भी बंद हो गया। डॉक्टरों ने बताया कि समय पर अस्पताल पहुंचने से स्थिति गंभीर होने से बच गई।

ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे मामलों की संभावना

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी या खुले वातावरण के संपर्क में आने के कारण इस तरह की घटनाएं कभी-कभी सामने आती हैं। छोटे बच्चों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत होती है, क्योंकि वे अपनी परेशानी स्पष्ट रूप से बता नहीं पाते। ऐसे में परिजनों को किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

समय पर इलाज से टली बड़ी समस्या

डॉक्टरों के अनुसार, अगर समय रहते जोंक को नहीं हटाया जाता तो बच्चे को लगातार खून की कमी जैसी गंभीर समस्या हो सकती थी। इस मामले में परिजनों की सतर्कता और चिकित्सकों की तत्परता ने स्थिति को संभाल लिया। फिलहाल बच्चा स्वस्थ है और उसे निगरानी में रखा गया है।

स्वास्थ्य विभाग की अपील

चिकित्सालय प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों में किसी भी तरह की असामान्य शारीरिक समस्या दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। खासकर नाक, कान या गले से जुड़ी समस्याओं को हल्के में न लें, क्योंकि इनके पीछे गंभीर कारण भी हो सकते हैं।

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