Kedarnath – भूस्खलन से सोनप्रयाग-गौरीकुंड मार्ग बाधित, खतरे के स्तर से ऊपर पहुंची नदियां
Kedarnath – उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में लगातार हो रही बारिश का असर केदारनाथ यात्रा मार्ग पर साफ दिखाई दे रहा है। शुक्रवार सुबह सोनप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर दो अलग-अलग स्थानों पर भूस्खलन और पहाड़ी से बोल्डर गिरने के कारण सड़क बाधित हो गई। इसके चलते केदारनाथ धाम की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर मार्ग को जल्द से जल्द बहाल करने के प्रयास में जुटी हैं।

मुनकटिया के पास मलबा आने से मार्ग बंद
अधिकारियों के अनुसार, सोनप्रयाग और गौरीकुंड के बीच मुनकटिया क्षेत्र में भारी मलबा और बड़े पत्थर सड़क पर आ गए, जिससे यातायात पूरी तरह रुक गया। वहीं सोनप्रयाग से आगे घाटी की ओर एक स्थान पर सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त होने और सड़क के निचले हिस्से के कटाव के कारण वाहनों को अत्यधिक सावधानी के साथ निकाला जा रहा है। यात्रियों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
सड़क खोलने का काम जारी
राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अधिशासी अभियंता ओंकार पांडे ने बताया कि भूस्खलन प्रभावित दोनों स्थानों पर जेसीबी और अन्य मशीनों की सहायता से मलबा हटाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। विभाग का प्रयास है कि मौसम की स्थिति अनुकूल रहने पर मार्ग को जल्द यातायात के लिए पूरी तरह खोल दिया जाए। फिलहाल अधिकारियों की निगरानी में राहत और बहाली का कार्य लगातार जारी है।
अलकनंदा और मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ा
लगातार वर्षा के कारण जिले की प्रमुख नदियों अलकनंदा और मंदाकिनी का जलस्तर भी खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया है। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, शुक्रवार सुबह अलकनंदा नदी का जलस्तर 627.50 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जबकि इसका निर्धारित खतरे का स्तर 627.00 मीटर है। इसी तरह मंदाकिनी नदी का जलस्तर 626.50 मीटर पहुंच गया, जो उसके 626.00 मीटर के खतरे के स्तर से अधिक है। प्रशासन इन दोनों नदियों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
प्रशासन ने जारी की सतर्कता
नदियों का जलस्तर बढ़ने के बाद जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर अलर्ट जारी किया है। आपदा प्रबंधन विभाग, नगर पालिका और नगर पंचायतों की ओर से लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को नदी किनारों से दूर रहने और अनावश्यक रूप से जलधाराओं के पास नहीं जाने की सलाह दी जा रही है। संवेदनशील क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन की निगरानी भी बढ़ा दी गई है।
यात्रियों से सावधानी बरतने की अपील
केदारनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की अपील की गई है। प्रशासन का कहना है कि लगातार हो रही बारिश को देखते हुए पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका बनी हुई है। ऐसे में मौसम और यातायात से संबंधित आधिकारिक सूचनाओं का पालन करना सभी के लिए आवश्यक है।