Employment Growth – उत्तराखंड में रोजगार और निवेश को लेकर सरकार का दावा
Employment Growth – उत्तराखंड में रोजगार, निवेश और आर्थिक विकास को लेकर राज्य सरकार ने सकारात्मक प्रगति का दावा किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि रोजगार सृजन को बढ़ावा देने वाली योजनाओं और निवेश अनुकूल माहौल के कारण राज्य में बेरोजगारी दर में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। उनके अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से युवाओं के लिए नए अवसर पैदा हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने यह बात प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत आयोजित एक कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि राज्य में विकास और रोजगार को साथ लेकर आगे बढ़ने की रणनीति पर लगातार काम किया जा रहा है।
निवेश आकर्षित करने के लिए लागू की गईं कई नीतियां
मुख्यमंत्री ने बताया कि निवेशकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य में 30 से अधिक नीतियां लागू की गई हैं। इन पहलों का परिणाम यह रहा कि उत्तराखंड को बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य में कुल 3.56 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते हुए हैं, जिनमें से लगभग एक लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं। सरकार का मानना है कि इन निवेशों से औद्योगिक गतिविधियों में वृद्धि होगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
युवाओं की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने युवाओं को देश और राज्य के विकास का प्रमुख आधार बताया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में युवाओं की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है।
धामी ने युवाओं से अपनी प्रतिभा, कौशल और परिश्रम का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करने का आह्वान किया। उनके अनुसार, सही अवसर और उचित मार्गदर्शन मिलने पर युवा देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं।
केंद्र की योजनाओं का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि Startup India, Skill India, Digital India, Make in India और नई शिक्षा नीति जैसी पहलों ने युवाओं के लिए नए अवसर उपलब्ध कराए हैं।
उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को कौशल विकास, उद्यमिता और रोजगार से जुड़ने के अवसर मिल रहे हैं। राज्य सरकार भी इन योजनाओं के साथ समन्वय स्थापित कर युवाओं को लाभ पहुंचाने का प्रयास कर रही है।
स्वरोजगार और कौशल विकास पर जोर
धामी ने कहा कि राज्य में स्वरोजगार और कौशल विकास को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इसके लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना और ग्रामीण कौशल विकास कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों से हजारों युवाओं को लाभ मिला है। स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक व्यवसायों को बढ़ावा देने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
आर्थिक संकेतकों में सुधार का दावा
मुख्यमंत्री ने राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर भी कई आंकड़े साझा किए। उन्होंने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था में पिछले वर्षों के दौरान उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और सकल घरेलू उत्पाद में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
उनके अनुसार, प्रति व्यक्ति आय में सुधार हुआ है और रोजगार के बेहतर अवसरों के कारण रिवर्स माइग्रेशन के सकारात्मक संकेत भी देखने को मिले हैं। सरकार का दावा है कि विकास और रोजगार आधारित नीतियों का प्रभाव विभिन्न क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है।
योजना के लाभार्थियों को मिला सम्मान
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के लाभार्थियों और नियोक्ताओं को सम्मानित भी किया गया। राज्य सरकार के अनुसार, इस योजना के तहत हजारों कर्मचारियों और सैकड़ों नियोक्ताओं को लाभ मिला है।
सरकार का कहना है कि रोजगार और कौशल विकास से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास जारी रहेगा, ताकि राज्य के विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके।