ThekuaRecipe – विदेशी मेहमानों तक पहुंचा बिहार का पारंपरिक ठेकुआ, आप ऐसे करें तैयार…
ThekuaRecipe – बिहार की प्रसिद्ध पारंपरिक मिठाई ठेकुआ इन दिनों फिर चर्चा में है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और संसद के स्पीकर रिचर्ड राशि को भारतीय परंपरा से जुड़ा विशेष उपहार देते हुए ठेकुआ भेंट किया। इस पहल के बाद देश-विदेश में लोगों के बीच इस पारंपरिक व्यंजन को लेकर दिलचस्पी बढ़ गई है।

ठेकुआ सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। विशेष रूप से छठ महापर्व के दौरान इसका धार्मिक और सामाजिक महत्व काफी बढ़ जाता है। पीढ़ियों से घरों में बनने वाला यह व्यंजन आज भी अपनी सादगी और अनोखे स्वाद के लिए पहचाना जाता है।
परंपरा और आस्था से जुड़ा है ठेकुआ
ठेकुआ का नाम आते ही छठ पर्व की याद ताजा हो जाती है। इस पर्व में इसे प्रसाद के रूप में तैयार किया जाता है और सूर्य उपासना से जुड़ी परंपराओं में इसका विशेष स्थान होता है।
इस मिठाई की खासियत यह है कि इसे बेहद साधारण सामग्री से बनाया जाता है। इसके बावजूद इसका स्वाद और सुगंध लोगों को लंबे समय तक याद रहती है। यही कारण है कि यह केवल त्योहारों तक सीमित नहीं है, बल्कि बिहार की पहचान बन चुका है।
लंबे समय तक सुरक्षित रहता है स्वाद
ठेकुआ की लोकप्रियता का एक बड़ा कारण इसकी टिकाऊ प्रकृति भी है। इसमें किसी प्रकार के कृत्रिम रंग, फ्लेवर या संरक्षक तत्वों का उपयोग नहीं किया जाता, फिर भी यह कई दिनों तक सुरक्षित रहता है।
यात्रा के दौरान भी लोग इसे अपने साथ रखना पसंद करते हैं। घर में बने ठेकुआ का स्वाद और उसकी पारंपरिक खुशबू इसे अन्य मिठाइयों से अलग बनाती है।
ठेकुआ बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
घर पर पारंपरिक ठेकुआ तैयार करने के लिए बहुत अधिक सामग्री की जरूरत नहीं होती। सामान्यतः इसके लिए गेहूं का आटा, गुड़, देसी घी और इलायची का उपयोग किया जाता है।
सामग्री इस प्रकार है:
- 2 कप गेहूं का आटा
- 1 कप गुड़
- 4 से 5 बड़े चम्मच देसी घी
- आधा चम्मच इलायची पाउडर
- 2 बड़े चम्मच कद्दूकस किया हुआ नारियल (वैकल्पिक)
- तलने के लिए घी या तेल
- आवश्यकता अनुसार पानी
घर पर ऐसे तैयार करें स्वादिष्ट ठेकुआ
सबसे पहले गुड़ को गुनगुने पानी में अच्छी तरह घोल लें। इसके बाद एक बड़े बर्तन में आटा, घी, इलायची पाउडर और नारियल मिलाकर मिश्रण तैयार करें।
अब गुड़ के घोल को धीरे-धीरे मिलाते हुए सख्त आटा गूंध लें। आटे की छोटी लोइयां बनाकर उन्हें हाथ या पारंपरिक सांचे की मदद से मनचाहा आकार दें। इसके बाद कढ़ाही में घी या तेल गर्म करें और मध्यम आंच पर इन्हें सुनहरा होने तक तल लें। तैयार ठेकुआ को ठंडा होने के बाद परोसा जा सकता है।
स्वाद को और बेहतर बनाने के आसान उपाय
पारंपरिक स्वाद के लिए गुड़ का उपयोग सबसे उपयुक्त माना जाता है। हालांकि कुछ लोग अपनी पसंद के अनुसार चीनी का भी इस्तेमाल करते हैं।
यदि मिश्रण में सौंफ या नारियल मिलाया जाए तो स्वाद और सुगंध दोनों बढ़ जाते हैं। ठेकुआ को हमेशा मध्यम आंच पर पकाना चाहिए ताकि वह बाहर से कुरकुरा और अंदर से अच्छी तरह पका हुआ बने। इसे एयरटाइट डिब्बे में रखने पर कई दिनों तक ताजगी बरकरार रहती है।
ठेकुआ आज केवल एक मिठाई नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, पारंपरिक खानपान और क्षेत्रीय पहचान का प्रतीक बन चुका है। अंतरराष्ट्रीय मंचों तक इसकी पहुंच इस बात का संकेत है कि भारतीय व्यंजनों की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।