Dehradun Fog and Weather Update: कोहरे के आगोश में देवभूमि, देहरादून में आई सफेद आफत
Dehradun Fog and Weather Update: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून इन दिनों कुदरत के एक अलग ही रूप का सामना कर रही है। पिछले कुछ दिनों से समूचे जिले में घने कोहरे का ऐसा पहरा बैठा है कि जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। सुबह की शुरुआत होते ही (Impact of Dense Fog) चारों ओर धुंध की एक मोटी चादर दिखाई देती है, जिससे न केवल यातायात प्रभावित हुआ है, बल्कि स्थानीय लोग अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी संघर्ष करते नजर आ रहे हैं।

जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर उड़ानों का लगा ब्रेक
कोहरे का सबसे ज्यादा असर देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर देखने को मिला है, जहां दृश्यता कम होने की वजह से हवाई सेवाओं पर बुरा प्रभाव पड़ा है। अहमदाबाद, दिल्ली, जयपुर और मुंबई जैसे महानगरों से आने वाली (Flight Cancellations at Dehradun Airport) इंडिगो और एयर इंडिया की कई उड़ानें अपने निर्धारित समय पर लैंड नहीं कर पाईं। यात्री एयरपोर्ट पर घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं, क्योंकि मौसम की अनिश्चितता ने एयरलाइंस के शेड्यूल को पूरी तरह बिगाड़ दिया है।
दृश्यता कम होने से हवा में अटकी यात्रियों की जान
हवाई यातायात की स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि पायलटों को लैंडिंग के लिए क्लियर सिग्नल नहीं मिल पा रहे हैं। बीते शाम भी जयपुर और मुंबई से आ रही दो फ्लाइट्स को खराब मौसम के चलते (Flight Diversion Challenges) का सामना करना पड़ा और उन्हें नजदीकी दूसरे एयरपोर्ट्स पर डायवर्ट कर दिया गया। एयरपोर्ट अधिकारियों का कहना है कि जब तक कोहरा पूरी तरह नहीं छंटता, उड़ानों का संचालन सामान्य होना बेहद मुश्किल है।
सड़कों पर रेंगते वाहन और हादसों का डर
सड़क मार्ग की बात करें तो देहरादून और इसके आसपास के इलाकों में सुबह के समय विजिबिलिटी बेहद कम दर्ज की जा रही है। हाईवे से लेकर शहर की अंदरूनी सड़कों तक (Low Visibility Road Safety) को सुनिश्चित करने के लिए वाहन चालक हेडलाइट्स जलाकर बेहद धीमी गति से चल रहे हैं। कोहरे के कारण सड़क हादसों की आशंका बढ़ गई है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने और बहुत जरूरी होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है।
कड़ाके की ठंड और स्कूली बच्चों की भारी परेशानी
इस मौसम की मार सबसे ज्यादा स्कूल जाने वाले नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों पर पड़ रही है। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच बच्चों को अलसुबह (School Students Weather Hardships) झेलते हुए स्कूल जाना पड़ रहा है। अभिभावकों में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। ठिठुरन भरी हवाएं और ऊपर से कोहरे का सितम, इस दोहरी मार ने देहरादून के आम नागरिकों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया है।
नए साल से पहले बदलेगा मौसम का मिजाज
पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए मौसम विभाग ने एक महत्वपूर्ण भविष्यवाणी साझा की है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 30 और 31 दिसंबर को उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में (Snowfall Prediction for New Year) की प्रबल संभावना बनी हुई है। नए साल के स्वागत के दौरान बारिश और बर्फबारी का यह दौर एक और दो जनवरी तक भी जारी रह सकता है, जो पर्यटकों के लिए खुशखबरी हो सकती है लेकिन स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकता है।
छह जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने अपनी ताजा रिपोर्ट में देहरादून समेत प्रदेश के छह जिलों के लिए विशेष सावधानी बरतने को कहा है। सोमवार को देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, पौड़ी और चंपावत में (Weather Yellow Alert Uttarakhand) जारी किया गया है। इन क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में बहुत घना कोहरा छाए रहने की उम्मीद है, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है और ‘शीत दिवस’ जैसी स्थिति पैदा होने की पूरी आशंका है।
पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी से बढ़ेगी गलन
पर्वतीय क्षेत्रों में होने वाली बर्फबारी का सीधा असर मैदानी इलाकों के तापमान पर पड़ेगा। जैसे ही चोटियों पर हिमपात शुरू होगा, वहां से आने वाली (Freezing Cold Waves) मैदानी इलाकों में गलन बढ़ा देंगी। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले हफ्ते में उत्तर भारत के इस हिस्से में ठंड और अधिक तीखी होगी। प्रशासन ने रैन बसेरों और अलाव की व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं ताकि बेसहारा लोगों को इस जानलेवा ठंड से बचाया जा सके।



