SCR – स्टेट कैपिटल रीजन में 50 लाख किफायती घर और सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की तैयारी…
SCR – उत्तर प्रदेश सरकार राजधानी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) परियोजना पर तेजी से काम कर रही है। प्रस्तावित योजना के तहत आने वाले वर्षों में करीब 50 लाख किफायती आवास विकसित किए जाएंगे, जिनसे लगभग 2.5 करोड़ लोगों को आवासीय सुविधा मिलने का अनुमान है। इसके साथ ही सीतापुर में 300 बेड का अत्याधुनिक मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित करने की भी योजना है, जिससे राजधानी क्षेत्र से जुड़े जिलों के लोगों को उन्नत चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी।

छह जिलों को जोड़ने के लिए मजबूत कनेक्टिविटी पर जोर
प्रस्तावित SCR में लखनऊ, सीतापुर, उन्नाव, हरदोई, बाराबंकी और रायबरेली को शामिल किया गया है। करीब 26 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली इस योजना के तहत जिलों के बीच तेज और बेहतर परिवहन नेटवर्क विकसित किया जाएगा। इसके लिए नई सड़कों के निर्माण के साथ अधूरे रोड नेटवर्क को पूरा करने, रैपिड रेल, रिंग रोड और एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं पर काम प्रस्तावित है। सरकार का उद्देश्य क्षेत्रीय आवागमन को अधिक सुगम और तेज बनाना है।
GIS आधारित महायोजना तैयार करने की प्रक्रिया जारी
SCR के लिए GIS आधारित क्षेत्रीय महायोजना तैयार की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, इसके लिए कंसल्टेंट का चयन किया जा चुका है, जो विभिन्न विभागों के साथ मिलकर विस्तृत मास्टर प्लान तैयार कर रहा है। इस योजना पर लगभग 71 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। एक वर्ष के भीतर रीजनल प्लान तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके बाद आगामी पांच वर्षों की प्रमुख परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर उन्हें चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
बढ़ती आबादी को ध्यान में रखकर बनाई जा रही रणनीति
सरकारी आकलन के अनुसार, SCR क्षेत्र की वर्तमान आबादी करीब तीन करोड़ है, जो वर्ष 2051 तक उल्लेखनीय रूप से बढ़ सकती है। इसी संभावित जनसंख्या वृद्धि को ध्यान में रखते हुए आवास, परिवहन, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं की दीर्घकालिक योजना तैयार की जा रही है। इस परियोजना पर कुल मिलाकर लगभग पांच लाख करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
लखनऊ में सबसे अधिक आवास विकसित करने का प्रस्ताव
प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, सबसे अधिक किफायती मकानों का निर्माण लखनऊ में प्रस्तावित है। यहां लगभग 13 लाख आवास विकसित किए जाने का अनुमान है। इसके अलावा सीतापुर में 10 लाख, हरदोई में 9 लाख, बाराबंकी में 7 लाख, उन्नाव में 6 लाख और रायबरेली में 5 लाख आवासों की आवश्यकता आंकी गई है। इन सभी परियोजनाओं के लिए करीब 70 हजार एकड़ भूमि की जरूरत का अनुमान लगाया गया है।
स्वास्थ्य और परिवहन क्षेत्र में भी बड़े निवेश की योजना
योजना के तहत सीतापुर में बनने वाला टेरिटरी मेडिकल फैसिलिटी सेंटर उन्नत चिकित्सा सेवाओं से लैस होगा, जहां गंभीर और जटिल बीमारियों का इलाज, आधुनिक जांच सुविधाएं तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है। इसके अलावा राज्य राजधानी माला योजना के माध्यम से सड़क संपर्क मजबूत करने, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाली नई सड़क, ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर, मेट्रो विस्तार, दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर तथा नए एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों के विस्तार जैसी परियोजनाओं पर भी कार्य प्रस्तावित है।
अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल योजना का प्रारूप तैयार किया जा रहा है। महायोजना और DPR को अंतिम रूप मिलने के बाद विभिन्न परियोजनाओं का क्रियान्वयन चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा।