Recruitment – 69000 शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का मायावती आवास पर प्रदर्शन
Recruitment- उत्तर प्रदेश में 69 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन शनिवार को भी जारी रहा। दूसरे दिन प्रदर्शनकारियों ने राजधानी लखनऊ में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती के आवास के बाहर पहुंचकर अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। इस दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। बाद में पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया।

मायावती से मुलाकात की मांग पर अड़े अभ्यर्थी
प्रदर्शन के दौरान एक महिला अभ्यर्थी सड़क पर बैठ गई और मायावती से सीधे मुलाकात कराने की मांग करने लगी। पुलिस ने उसे समझाने और वहां से हटाने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी मांग पर कायम रही। करीब 15 मिनट तक चले विरोध के बाद पुलिस ने मौके पर मौजूद सभी अभ्यर्थियों को बसों के माध्यम से इको गार्डन भेज दिया, जहां पहले से प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान उपलब्ध है।
विभिन्न जिलों से पहुंचे थे अभ्यर्थी
प्रदर्शन में शामिल करीब 35 से 40 अभ्यर्थी प्रदेश के अलग-अलग जिलों से लखनऊ पहुंचे थे। उनका कहना है कि वे लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया में नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में भर्ती से संबंधित तथ्यों को सही तरीके से प्रस्तुत नहीं किया, जिससे उनकी मांगों को पर्याप्त महत्व नहीं मिल पाया।
हलफनामे को लेकर उठाए सवाल
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, सरकार ने अदालत में 8,270 सीटों से जुड़ा हलफनामा दाखिल किया, जिसमें ऐसे अभ्यर्थियों के नाम भी शामिल हैं जो पहले ही तीन बार भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो चुके हैं। उनका कहना है कि इससे वास्तविक विवादित सीटों का मुद्दा प्रभावित हुआ है। अभ्यर्थियों का दावा है कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण से जुड़े प्रश्नों को स्पष्ट रूप से रखा जाना चाहिए था।
6,800 विवादित सीटों पर नियुक्ति की मांग
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग 6,800 विवादित सीटों पर पिछड़ा वर्ग के पात्र उम्मीदवारों को नियुक्ति देने की है। उनका कहना है कि वर्तमान प्रक्रिया के तहत केवल लगभग 3,300 अभ्यर्थियों को ही नियुक्ति मिलने की संभावना है, जबकि बड़ी संख्या में योग्य उम्मीदवार अब भी नियुक्ति से वंचित रह जाएंगे। इसी मुद्दे को लेकर वे लगातार सरकार से पुनर्विचार की मांग कर रहे हैं।
आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों का कहना है कि शिक्षक भर्ती में आरक्षण संबंधी विसंगतियों का मुद्दा पहले भी विभिन्न स्तरों पर उठाया जा चुका है। उनका दावा है कि इस मामले में संबंधित आयोग और राज्य सरकार के स्तर पर भी चर्चा हो चुकी है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सर्वोच्च न्यायालय में विवादित सीटों और विभिन्न आरक्षित वर्गों के लिए निर्धारित पदों की स्पष्ट जानकारी प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर संतोषजनक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।