RamTempleCase – चढ़ावा मामले में 12 जिलों तक बढ़ी संपत्तियों की जांच
RamTempleCase – अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी के मामले की जांच अब और व्यापक हो गई है। पुलिस ने आरोपियों और उनसे जुड़े लोगों की संपत्तियों तथा निवेश की जानकारी जुटाने के लिए करीब 12 जिलों के जिलाधिकारियों को पत्र भेजे हैं। अधिकारियों के अनुसार, वित्तीय लेनदेन के साथ-साथ पिछले कुछ वर्षों में खरीदी गई अचल संपत्तियों की भी पड़ताल की जा रही है। मामले की विवेचना पुलिस अधिकारियों की निगरानी में जारी है।

संपत्तियों और निवेश का ब्योरा जुटाने की प्रक्रिया
राम मंदिर की दान पेटिकाओं से कथित चोरी के मामले में 25 जून को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके अगले दिन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया। शुरुआती जांच में पुलिस ने जिले के भीतर मौजूद संपत्तियों की जानकारी एकत्र की थी। बाद में यह सूचना मिली कि कथित रूप से चोरी की रकम का इस्तेमाल अन्य स्थानों पर निवेश और संपत्ति खरीदने में भी किया गया हो सकता है। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया।
कई जिलों में खंगाले जा रहे रिकॉर्ड
सूत्रों के अनुसार, अयोध्या के अलावा सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, बहराइच, गोंडा, बस्ती, लखनऊ, नोएडा, अंबेडकरनगर और बाराबंकी सहित करीब 12 जिलों में राजस्व अभिलेखों की जांच की जा रही है। संबंधित विभाग आरोपियों, उनके परिजनों और करीबी रिश्तेदारों के नाम दर्ज जमीन, मकान और अन्य अचल संपत्तियों का रिकॉर्ड जुटा रहे हैं। इन जानकारियों का मिलान वित्तीय दस्तावेजों से भी किया जाएगा।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
जांच एजेंसियों के मुताबिक, अभी तक संबंधित जिलों से अंतिम रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। अधिकारियों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि बीते कुछ वर्षों में कब, कहां और किसके नाम पर संपत्तियां खरीदी गईं। इसके साथ ही बड़े निवेश और वित्तीय लेनदेन की भी समीक्षा की जा रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद इन तथ्यों को केस डायरी और विवेचना का हिस्सा बनाया जाएगा।
ट्रस्ट के लॉकर में रखी वस्तुओं का सत्यापन जारी
इसी बीच श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के लॉकर में सुरक्षित रखे गए आभूषणों और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं का सत्यापन भी लगातार जारी है। गठित टीम सूचीबद्ध रिकॉर्ड के आधार पर प्रत्येक वस्तु का मिलान कर रही है। सत्यापन प्रक्रिया के दौरान हर वस्तु की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, सूची में दर्ज कुछ वस्तुएं तत्काल नहीं मिलने पर उनके संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। ट्रस्ट की ओर से कहा गया है कि पूरी प्रक्रिया समाप्त होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। इस विषय पर अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
एसआईटी को सौंपे गए नए आरोप
मामले से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह ने विशेष जांच दल (SIT) को ई-मेल के माध्यम से विस्तृत शिकायत भेजी है। शिकायत में उन्होंने ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। साथ ही मंदिर निर्माण लागत में हुई वृद्धि की निष्पक्ष जांच की मांग भी की है। एसआईटी इन शिकायतों और उपलब्ध दस्तावेजों का परीक्षण कर रही है।