MeritoriousStudents – मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर मुख्यमंत्री ने बढ़ाया उत्साह
MeritoriousStudents – उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न शिक्षा बोर्डों के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित किया। इस अवसर पर यूपी बोर्ड, संस्कृत शिक्षा परिषद, सीबीएसई और आईसीएसई के राज्य स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले कुल 223 विद्यार्थियों को एक-एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि, टैबलेट, मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम में शिक्षा क्षेत्र में योगदान देने वाले 11 प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की मेहनत और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि सफलता हमेशा निरंतर प्रयास और अनुशासन का परिणाम होती है। उनके अनुसार, यह सम्मान केवल उपलब्धि का प्रतीक नहीं बल्कि विद्यार्थियों को भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने का माध्यम भी है।
छात्राओं के प्रदर्शन की मुख्यमंत्री ने की सराहना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस वर्ष भी मेरिट सूची में छात्राओं की उल्लेखनीय उपस्थिति देखने को मिली है। उन्होंने कहा कि कई छात्राएं घर की जिम्मेदारियों में सहयोग करने के साथ-साथ पढ़ाई में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं, जो अनुकरणीय है।
उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने से सफलता हासिल की जा सकती है। मुख्यमंत्री ने छात्रों से छात्राओं के परिश्रम और अनुशासन से प्रेरणा लेने की बात भी कही।
हजारों विद्यार्थियों को मिला सम्मान
कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि राज्य स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले 223 विद्यार्थियों के अलावा जिला स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 1459 छात्रों को भी सम्मानित किया जा रहा है। सम्मान पाने वाले विद्यार्थियों में छात्राओं की संख्या छात्रों की तुलना में अधिक रही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि केवल विद्यार्थियों की नहीं बल्कि उनके अभिभावकों और शिक्षकों की मेहनत का भी परिणाम है, जिन्होंने उन्हें सही दिशा और सहयोग प्रदान किया।
नकलविहीन परीक्षा व्यवस्था पर दिया जोर
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राज्य की परीक्षा व्यवस्था में हुए बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।
उनके अनुसार, परीक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाना होना चाहिए। प्रश्नपत्र ऐसे होने चाहिए जो विद्यार्थियों की समझ और तैयारी का मूल्यांकन करें, न कि उन्हें अनावश्यक दबाव में डालें। उन्होंने कहा कि पारदर्शी परीक्षा प्रणाली से मेहनती छात्रों को उचित अवसर मिलता है।
शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों को दी प्रेरणा
कार्यक्रम में माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि लाखों परीक्षार्थियों के बीच शीर्ष स्थान हासिल करना बड़ी उपलब्धि है और इसके पीछे विद्यार्थियों की निरंतर मेहनत और समर्पण है।
उन्होंने छात्रों से कहा कि यह उपलब्धि उनके जीवन की अंतिम मंजिल नहीं बल्कि नए सफर की शुरुआत है। आने वाले समय में उन्हें और बड़ी चुनौतियों का सामना करना होगा, जिसके लिए स्पष्ट लक्ष्य और दृढ़ संकल्प आवश्यक है।
अभिभावकों की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण
गुलाब देवी ने विद्यार्थियों की सफलता में अभिभावकों के योगदान को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि माता-पिता बच्चों की शिक्षा और भविष्य के लिए कई तरह की चुनौतियों का सामना करते हैं। ऐसे में उनकी भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि हाईस्कूल स्तर पर पहुंचने के बाद बच्चों के साथ मित्रवत व्यवहार करें। इससे बच्चे अपनी समस्याएं और विचार खुलकर साझा कर सकेंगे, जिससे उन्हें सही मार्गदर्शन मिल सकेगा।
शिक्षकों को भी दिया विशेष संदेश
मंत्री ने शिक्षकों से कहा कि उनका व्यवहार और व्यक्तित्व विद्यार्थियों पर गहरा प्रभाव डालता है। इसलिए शिक्षकों को अपने आचरण और जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा स्रोत होते हैं।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा विभाग की ओर से परीक्षा संचालन और शैक्षिक सुधारों से जुड़े प्रयासों की भी सराहना की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष परीक्षाएं निर्धारित मानकों के अनुसार शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न हुईं।