MayawatiStatement – मायावती ने आरक्षण और दलित-पिछड़े मुद्दों पर साधा निशाना
MayawatiStatement – बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने एक बार फिर सामाजिक न्याय और आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सत्ता में रहते हुए इन दलों ने अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के अधिकारों को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई, जबकि अब ये पार्टियां महिलाओं और वंचित वर्गों के हितों की बात कर रही हैं। उनका बयान राजनीतिक हलकों में नई बहस को जन्म दे रहा है।

कांग्रेस पर बदले रुख का आरोप
मायावती ने कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल के दौरान आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर ठोस पहल नहीं की। उनके मुताबिक, जब पार्टी सत्ता में थी तब उसने विभिन्न वर्गों के लिए तय आरक्षण को पूरी तरह लागू कराने के लिए कोई गंभीर प्रयास नहीं किए। उन्होंने आरोप लगाया कि अब परिस्थितियों के अनुसार कांग्रेस अपने रुख में बदलाव दिखा रही है, जो लोगों के बीच भ्रम पैदा करता है।
ओबीसी आरक्षण को लेकर उठाए सवाल
बसपा प्रमुख ने यह भी कहा कि मंडल आयोग की सिफारिशों के अनुरूप ओबीसी वर्ग को सरकारी नौकरियों और शिक्षा में 27 प्रतिशत आरक्षण देने का काम कांग्रेस सरकार के दौरान नहीं हो पाया। उन्होंने दावा किया कि बाद में यह व्यवस्था अन्य राजनीतिक प्रयासों के चलते लागू हुई। उनके अनुसार, यह मुद्दा लंबे समय तक उपेक्षित रहा।
समाजवादी पार्टी पर भी निशाना
मायावती ने समाजवादी पार्टी के रुख पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछड़े मुस्लिम समुदाय को ओबीसी का लाभ देने से जुड़ी सिफारिशें लंबे समय तक लागू नहीं की गईं। उनके मुताबिक, जब उनकी पार्टी की सरकार बनी तो इस दिशा में तुरंत कदम उठाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सत्ता में रहते हुए और विपक्ष में रहते हुए अलग-अलग रवैया अपनाती है।
महिला आरक्षण पर राजनीतिक मतभेद
महिला आरक्षण के मुद्दे पर भी मायावती ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इस विषय पर विभिन्न दल अपनी-अपनी राजनीतिक जरूरतों के हिसाब से बयान देते हैं। परिसीमन और जनगणना के आधार पर आरक्षण लागू करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यदि इसे जल्द लागू करना है तो उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर ही आगे बढ़ना होगा।
राजनीतिक दलों के रवैये पर टिप्पणी
उन्होंने यह भी कहा कि देश में एससी, एसटी, ओबीसी और मुस्लिम समाज के हितों को लेकर किसी भी राजनीतिक दल ने पूरी गंभीरता नहीं दिखाई है। उनके अनुसार, इन वर्गों को अपने अधिकारों को लेकर जागरूक रहना होगा और किसी भी राजनीतिक बयान या वादे को समझदारी से परखना होगा।
वंचित वर्गों के लिए सतर्क रहने की सलाह
अपने बयान के अंत में मायावती ने इन समुदायों से अपील की कि वे किसी भी राजनीतिक दल के बहकावे में न आएं और अपने हितों को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में जो भी अवसर मिल रहे हैं, उन्हें स्वीकार करते हुए आगे बेहतर संभावनाओं के लिए तैयार रहना जरूरी है।



