उत्तर प्रदेश

LucknowUniversityHostel – खराब भोजन विवाद के बाद हुई बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई

LucknowUniversityHostel – लखनऊ विश्वविद्यालय के न्यू कैंपस स्थित गंगा गर्ल्स छात्रावास में मेस के भोजन को लेकर उठे विवाद ने विश्वविद्यालय प्रशासन को कठोर निर्णय लेने पर मजबूर कर दिया है। छात्राओं की तबीयत बिगड़ने और उसके बाद हुए विरोध प्रदर्शन को गंभीरता से लेते हुए कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने सभी महिला छात्रावासों की जिम्मेदार पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। यह फैसला शुक्रवार को आधिकारिक आदेश जारी कर लागू किया गया।

भोजन की गुणवत्ता पर उठा सवाल

बीते दिनों गंगा गर्ल्स छात्रावास की कई छात्राओं ने मेस के खाने की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की थी। कुछ छात्राओं की तबीयत खराब होने के बाद मामला तूल पकड़ गया। छात्राओं ने भोजन की स्वच्छता, पोषण स्तर और मेस प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठाए। बुधवार रात हुए विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन हरकत में आया।

कुलपति ने बृहस्पतिवार को छात्रावास पहुंचकर करीब तीन घंटे तक छात्राओं से बातचीत की। इस दौरान छात्राओं ने एक स्वर में हॉस्टल प्रशासन के व्यवहार और व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई।

प्रशासनिक फेरबदल का आदेश

स्थिति की समीक्षा के बाद कुलपति ने न्यू कैंपस के गंगा, लावण्या और डॉ. बीआर अंबेडकर महिला छात्रावास की प्रोवोस्ट और सहायक प्रोवोस्ट को पदमुक्त करने का निर्देश दिया। कुलसचिव डॉ. भावना मिश्रा की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू होगी।

विश्वविद्यालय प्रवक्ता के अनुसार, गंगा छात्रावास की जिम्मेदारी अब डॉ. कालिंद्री को एडिशनल चीफ प्रोवोस्ट (गर्ल्स) के रूप में सौंपी गई है, जबकि डॉ. निहारिका को सहायक प्रोवोस्ट बनाया गया है। बीआर अंबेडकर छात्रावास में डॉ. ऋचा सक्सेना और डॉ. श्वेता श्रीवास्तव को नई जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, लावण्या छात्रावास की कमान डॉ. मृणालिनी सिंह और डॉ. शशि प्रभा जोशी को सौंपी गई है।

धमकी के आरोपों पर भी सख्ती

सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्राओं ने प्रशासनिक पदाधिकारियों पर धमकी देने और अनुचित टिप्पणी करने जैसे आरोप भी लगाए थे। कुलपति ने इन आरोपों को गंभीर मानते हुए पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि छात्राओं की सुरक्षा और सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

व्यवस्था में दिखा सुधार

छात्राओं ने बताया कि कुलपति के दौरे के बाद मेस की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिला है। साफ-सफाई और भोजन वितरण व्यवस्था बेहतर हुई है। कई छात्राओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से कुलपति का आभार भी व्यक्त किया। उनका कहना है कि समस्याओं को सुनने और त्वरित कार्रवाई से भरोसा बढ़ा है।

नई निगरानी व्यवस्था लागू

कुलपति ने यह भी तय किया है कि वह सप्ताह में एक दिन न्यू कैंपस में बैठकर व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे। इसके अलावा पांच सदस्यीय टीम गठित की गई है, जिसने मेस संचालकों को नोटिस जारी किया है। भोजन परोसने के कार्य में महिला कर्मियों को प्राथमिकता देने का निर्णय भी लिया गया है, ताकि छात्राओं को अधिक सुरक्षित और सहज वातावरण मिल सके।

हटाए गए पदाधिकारी

जिन पदाधिकारियों को हटाया गया है, उनमें गंगा, लावण्या और बीआर अंबेडकर छात्रावास की प्रोवोस्ट और सहायक प्रोवोस्ट शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि यह कदम व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

विश्वविद्यालय में इस कार्रवाई को एक बड़े प्रशासनिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। छात्राओं को उम्मीद है कि नई टीम के साथ व्यवस्थाएं अधिक सुव्यवस्थित होंगी और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं बनेगी।

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