LucknowFire – पुरनिया अग्निकांड के बाद शोक में डूबा पूरा शहर
LucknowFire – लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मंगलवार देर रात तक दर्द, इंतजार और मातम का माहौल बना रहा। केजीएमयू के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर अपने प्रियजनों की खबर का इंतजार कर रहे परिजनों की आंखों में चिंता साफ दिखाई दे रही थी। जैसे-जैसे रात बढ़ती गई, वैसे-वैसे वहां मौजूद लोगों की बेचैनी भी बढ़ती चली गई। किसी को अपने बेटे की तलाश थी तो कोई बेटी या भाई की जानकारी पाने के लिए अधिकारियों से लगातार संपर्क कर रहा था।

पोस्टमार्टम हाउस के बाहर पसरा रहा गहरा दुख
मृतकों की पहचान की प्रक्रिया के दौरान पोस्टमार्टम हाउस के बाहर कई मार्मिक दृश्य देखने को मिले। परिजन लगातार अधिकारियों से जानकारी लेने की कोशिश करते रहे। जब किसी नाम की घोषणा होती, तो उम्मीद और भय के बीच खड़े परिवारों की धड़कनें तेज हो जातीं।
कई लोग अपने प्रियजनों के बारे में सुनने के बाद खुद को संभाल नहीं पाए। वहां मौजूद महिलाएं एक-दूसरे को ढांढस बंधाती रहीं, जबकि कई बुजुर्ग गहरे सदमे में दिखाई दिए। रात भर लोगों की नजरें अस्पताल और पोस्टमार्टम हाउस के दरवाजों पर टिकी रहीं।
परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
इस हादसे ने कई परिवारों को गहरा आघात पहुंचाया है। मृतकों में ऐसे युवा भी शामिल थे जो नौकरी या प्रशिक्षण के सिलसिले में वहां मौजूद थे। कुछ परिवारों ने कम समय के भीतर अपने एक से अधिक सदस्यों को खो दिया, जिससे उनका दुख और बढ़ गया।
परिजनों के अनुसार, कई युवक-युवतियां अपने करियर को बेहतर बनाने के लिए प्रशिक्षण केंद्र में पढ़ाई या काम कर रहे थे। अचानक हुए इस हादसे ने उनके सपनों के साथ-साथ परिवारों की उम्मीदों को भी गहरा झटका दिया है।
ट्रॉमा सेंटर में भी दिखा भावुक माहौल
घटना में घायल हुए लोगों को तत्काल विभिन्न अस्पतालों और ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। घायलों की स्थिति देखकर अस्पताल में मौजूद अन्य मरीज और उनके परिजन भी भावुक हो गए। पूरे परिसर में चिंता और संवेदना का माहौल देखने को मिला।
स्वास्थ्यकर्मियों ने लगातार उपचार और राहत कार्य जारी रखा। गंभीर रूप से झुलसे लोगों को विशेष निगरानी में रखा गया, जबकि अन्य घायलों को आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।
मुख्यमंत्री ने अस्पताल पहुंचकर लिया हालचाल
हादसे की सूचना मिलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अस्पताल पहुंचकर घायलों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने डॉक्टरों और अधिकारियों से बातचीत कर उपचार व्यवस्था की समीक्षा की और सभी प्रभावितों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अस्पताल में भर्ती घायलों से भी मुलाकात की और अधिकारियों को राहत कार्यों में किसी प्रकार की कमी न रहने का निर्देश दिया। प्रशासनिक स्तर पर लगातार स्थिति की निगरानी की जा रही है।
दोस्तों और पड़ोसियों ने निभाई जिम्मेदारी
हादसे में प्रभावित कई छात्र और कर्मचारी दूसरे जिलों से लखनऊ आए हुए थे। ऐसे में शुरुआती घंटों में उनके परिजन मौके पर नहीं पहुंच सके। इस कठिन समय में दोस्तों, सहपाठियों और पड़ोसियों ने आगे बढ़कर सहायता की जिम्मेदारी संभाली।
स्थानीय लोगों ने अस्पतालों और प्रशासनिक टीमों के साथ समन्वय बनाकर पीड़ितों की मदद की। कई स्वयंसेवक भी राहत कार्यों में सक्रिय दिखाई दिए।
राहत कार्य में जुटीं एंबुलेंस सेवाएं
घटना की जानकारी मिलते ही आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, बड़ी संख्या में एंबुलेंस घटनास्थल पर भेजी गईं, जिनकी मदद से घायलों को तेजी से अस्पताल पहुंचाया गया।
स्वास्थ्य विभाग और बचाव एजेंसियों ने समन्वित तरीके से काम करते हुए राहत अभियान चलाया। घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद विभिन्न चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
कैसे हुआ था हादसा
अलीगंज क्षेत्र की एक बहुमंजिला इमारत में सोमवार दोपहर आग लगने की घटना हुई थी। इमारत में प्रशिक्षण केंद्र और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं। आग तेजी से फैलने के कारण कई लोग भीतर फंस गए।
पुलिस, दमकल विभाग और बचाव दलों ने संयुक्त रूप से राहत अभियान चलाया। लंबे समय तक चले अभियान के बाद कई लोगों को बाहर निकाला गया, जबकि इस हादसे में 15 लोगों की मौत की पुष्टि हुई। आग लगने के कारणों की जांच जारी है और संबंधित एजेंसियां पूरे मामले की पड़ताल कर रही हैं।