GSTFraud – यूपी में फर्जी कंपनियों के जरिए करोड़ों की कर चोरी उजागर
GSTFraud – उत्तर प्रदेश में फर्जी कंपनियों के जरिए की जा रही जीएसटी चोरी के मामले में जांच लगातार गहराती जा रही है। शुरुआती तौर पर एक कंपनी से शुरू हुई जांच अब एक बड़े नेटवर्क की ओर इशारा कर रही है, जिसमें 100 से ज्यादा संदिग्ध फर्मों का खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह मामला केवल एक अलग घटना नहीं बल्कि संगठित तरीके से चल रहे व्यापक फर्जीवाड़े का हिस्सा हो सकता है।

एक गिरफ्तारी से खुला बड़ा नेटवर्क
लखनऊ में दर्ज एक मामले की जांच के दौरान एसटीएफ ने हाल ही में गुजरात निवासी एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। शुरुआती जांच में एक फर्म का नाम सामने आया था, लेकिन पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद कई अन्य फर्मों की कड़ियां जुड़ती चली गईं। इससे यह संकेत मिला कि यह गतिविधि लंबे समय से संगठित रूप में चल रही थी।
सैकड़ों फर्मों का जाल सामने आया
जांच एजेंसियों का कहना है कि आरोपी और उसके सहयोगियों ने मिलकर बड़ी संख्या में फर्जी कंपनियां बनाई थीं। इनमें से कई फर्में एक ही पते या सीमित संसाधनों के आधार पर पंजीकृत थीं। बताया जा रहा है कि इन कंपनियों का इस्तेमाल केवल कागजी लेन-देन दिखाकर कर चोरी करने के लिए किया जाता था।
सीमित संसाधनों से बड़ा खेल
अधिकारियों के मुताबिक, इस तरह के मामलों में कुछ मोबाइल नंबर और सीमित बैंक खातों का इस्तेमाल कर दर्जनों नहीं बल्कि सैकड़ों फर्मों को संचालित किया जाता है। इन खातों के जरिए लेन-देन दिखाकर टैक्स देनदारी से बचने की कोशिश की जाती है। इस तरीके से सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचता है।
जांच प्रक्रिया में बदलाव की जरूरत
एसटीएफ से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि ऐसे मामलों में शुरुआती स्तर पर ही व्यापक जानकारी जुटाना जरूरी है। अक्सर केस दर्ज करते समय केवल कुछ फर्मों का जिक्र होता है, जबकि बाद में जांच में बड़ी संख्या में नाम सामने आते हैं। यदि पहले से ही संबंधित नेटवर्क की पूरी जानकारी एकत्र कर ली जाए, तो जांच प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो सकती है।
कर चोरी पर सख्ती के संकेत
इस मामले ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि कर चोरी के लिए फर्जी कंपनियों का इस्तेमाल एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। जांच एजेंसियां अब ऐसे नेटवर्क की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई को लेकर ज्यादा सतर्क नजर आ रही हैं। आने वाले समय में इस तरह के मामलों में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।