FuelSupply – प्रदेश में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी पर शुरू हुई सख्त निगरानी
FuelSupply – प्रदेश में ईंधन की उपलब्धता को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच राज्य सरकार ने निगरानी और कार्रवाई को तेज कर दिया है। पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति सुचारू रखने के लिए प्रवर्तन एजेंसियों को सक्रिय किया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पूरे प्रदेश में कालाबाजारी और अवैध बिक्री के खिलाफ व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को समय पर ईंधन उपलब्ध कराया जा सके।

निरीक्षण और छापेमारी का व्यापक अभियान
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 12 मार्च से अब तक हजारों स्थानों पर निरीक्षण और छापेमारी की गई है। इस दौरान एलपीजी वितरण से जुड़े मामलों में कई एफआईआर दर्ज की गई हैं। कुछ मामलों में एजेंसियों के खिलाफ भी कार्रवाई हुई है, जबकि अवैध तरीके से गैस बेचने वाले अन्य लोगों को भी कानून के दायरे में लाया गया है। मौके से कई लोगों को हिरासत में लिया गया और बड़ी संख्या में अभियोजन की कार्रवाई की गई है।
गैस वितरण व्यवस्था पर विशेष नजर
सरकार ने एलपीजी वितरण प्रणाली को लेकर भी सख्ती बढ़ाई है। प्रदेशभर में हजारों गैस एजेंसियों पर निगरानी रखी जा रही है, ताकि उपभोक्ताओं को उनकी बुकिंग के अनुसार समय पर सिलेंडर मिल सके। इसके लिए स्टॉक की नियमित समीक्षा की जा रही है और जरूरत के अनुसार रिफिल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
वाणिज्यिक सिलेंडरों के उपयोग पर भी ध्यान
केंद्र सरकार द्वारा वाणिज्यिक सिलेंडरों के सीमित उपयोग की अनुमति दिए जाने के बाद राज्य स्तर पर इसके पालन पर भी नजर रखी जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इस व्यवस्था का दुरुपयोग न हो और घरेलू उपभोक्ताओं को किसी तरह की कमी का सामना न करना पड़े।
कंट्रोल रूम से हो रही निगरानी
ईंधन आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए खाद्य एवं रसद विभाग की ओर से 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। यहां तैनात अधिकारी लगातार शिकायतों पर नजर रख रहे हैं और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कर रहे हैं। इसके अलावा जिलों में भी इसी तरह की व्यवस्था लागू की गई है, जिससे स्थानीय स्तर पर स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
मैदान में उतरे अधिकारी
जिला स्तर पर पूर्ति अधिकारी और प्रशासनिक टीमें लगातार क्षेत्र का दौरा कर रही हैं। वे गैस एजेंसियों और वितरण केंद्रों की जांच कर रहे हैं, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को तुरंत रोका जा सके। इस पूरी व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपभोक्ताओं तक समय पर और सही तरीके से एलपीजी पहुंचे।
उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश
सरकार की इस पहल का मकसद आम लोगों को राहत देना और बाजार में पारदर्शिता बनाए रखना है। लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई से उम्मीद जताई जा रही है कि ईंधन की उपलब्धता में सुधार होगा और कालाबाजारी पर नियंत्रण पाया जा सकेगा।



