Education – उत्तर प्रदेश के शिक्षकों को मिलेगा बीमा सुरक्षा, शासन ने जारी किए निर्देश
Education– उत्तर प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा विभाग के स्थायी, संविदा और अन्य कर्मचारियों को बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के साथ हुए समझौते के बाद शासन ने इस योजना को लागू करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

सभी जिलों को भेजे गए आदेश
बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों, मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों और बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि योजना का लाभ पात्र कर्मचारियों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जाए। यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ हुए समझौते के तहत लागू की जा रही है।
कम मानदेय वाले कर्मचारियों के लिए विशेष व्यवस्था
शासन के निर्देशों के अनुसार, जिन संविदा या अन्य कर्मियों का मासिक मानदेय 10 हजार रुपये से कम है, उन्हें SBI में जीरो बैलेंस बैंक खाता खोलना होगा। ऐसे खाताधारकों को एटीएम आधारित दो लाख रुपये तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।
अन्य कर्मचारियों को मिलेंगी अतिरिक्त सुविधाएं
स्थायी शिक्षकों और अन्य पात्र कर्मचारियों को स्टेट गवर्नमेंट सैलरी पैकेज (SGSP) अथवा कॉर्पोरेट सैलरी पैकेज (CSP) के तहत विभिन्न बीमा और सामाजिक सुरक्षा संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। जिन कर्मचारियों के पहले से SBI में खाते हैं, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित सैलरी पैकेज में परिवर्तित कराया जाएगा। वहीं संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों के खातों को कॉर्पोरेट सैलरी पैकेज के अनुरूप खोला या अपडेट किया जाएगा।
स्कूलों में लगाए जाएंगे विशेष शिविर
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर SBI की शाखाएं विद्यालयों की मैपिंग करेंगी। इसके बाद विभिन्न स्कूलों में विशेष शिविर आयोजित कर नए खाते खोले जाएंगे और पुराने खातों को आवश्यक श्रेणी में परिवर्तित किया जाएगा। शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस प्रक्रिया के दौरान विद्यालयों में नियमित पठन-पाठन बाधित नहीं होना चाहिए।
सामाजिक सुरक्षा पर सरकार का जोर
सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों और कर्मचारियों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है, ताकि आकस्मिक परिस्थितियों में उन्हें आर्थिक सहायता मिल सके। विभागीय अधिकारियों को योजना की नियमित निगरानी करने और पात्र कर्मचारियों को समय पर इसका लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए हैं। शासन का मानना है कि इस व्यवस्था से शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा का दायरा और मजबूत होगा।