Digital – प्रोजेक्ट गंगा से गांवों में बढ़ेगी डिजिटल पहुंच, युवाओं को मिलेगा रोजगार
Digital – उत्तर प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों तक आधुनिक डिजिटल सुविधाएं पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई प्रोजेक्ट गंगा योजना को युवाओं का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। अब तक 700 से अधिक ग्रामीण युवाओं ने Digital Service Provider बनने के लिए आवेदन किया है। चयनित अभ्यर्थियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसके बाद वे अपने-अपने गांवों में हाई स्पीड इंटरनेट और विभिन्न डिजिटल सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने में भूमिका निभाएंगे। सरकार का मानना है कि यह पहल डिजिटल कनेक्टिविटी के साथ-साथ ग्रामीण रोजगार को भी नई दिशा देगी।

प्रशिक्षण के बाद गांवों में शुरू होंगी नई सेवाएं
योजना के तहत चयनित युवाओं को सात दिनों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें अपने क्षेत्र में डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित करने का अवसर मिलेगा। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को इंटरनेट सुविधा के साथ-साथ विभिन्न ऑनलाइन सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार का लक्ष्य न्याय पंचायत स्तर तक बड़ी संख्या में Digital Service Provider तैयार करना है, ताकि ग्रामीण इलाकों में डिजिटल सेवाओं का दायरा तेजी से बढ़ाया जा सके।
युवाओं को मिलेगा आर्थिक सहयोग
सरकार ने योजना से जुड़े युवाओं के लिए आर्थिक सहायता का भी प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री युवा योजना के अंतर्गत पात्र अभ्यर्थियों को पांच लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा सकता है। अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती चरण में Digital Service Provider की मासिक आय लगभग 20 हजार रुपये तक हो सकती है। जैसे-जैसे सेवाओं का दायरा और ग्राहकों की संख्या बढ़ेगी, आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।
ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचेगी आधुनिक डिजिटल सुविधा
Government Assisted Network for Growth and Advancement (GANGA) परियोजना का उद्देश्य गांवों और अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक हाई स्पीड Fiber Broadband नेटवर्क पहुंचाना है। इसके माध्यम से Telemedicine, Online Education, E-Governance, Digital Payment और Smart Agriculture जैसी सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। इससे ग्रामीणों को सरकारी प्रमाणपत्र, बैंकिंग सेवाएं और अन्य ऑनलाइन सुविधाओं के लिए शहरों की बार-बार यात्रा करने की आवश्यकता कम होगी।
पहले चरण में 21 जिलों को मिली प्राथमिकता
योजना के शुरुआती चरण में प्रदेश के 21 जिलों को शामिल किया गया है। इनमें नेपाल सीमा से जुड़े श्रावस्ती, बहराइच और बलरामपुर जैसे जिलों को प्राथमिकता दी गई है। सरकार का लक्ष्य अगले दो से तीन वर्षों में इस परियोजना का विस्तार करते हुए प्रदेश की सभी 57 हजार ग्राम पंचायतों और लगभग 20 लाख परिवारों तक हाई स्पीड ब्रॉडबैंड सेवाएं पहुंचाना है। योजना में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है।
सरकार ने रखा दीर्घकालिक विस्तार का लक्ष्य
स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के अधिकारियों के अनुसार, प्रोजेक्ट गंगा राज्य की प्रमुख डिजिटल विकास योजनाओं में शामिल है। इसके तहत कुल 8,000 Digital Service Provider तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 700 युवाओं का चयन किया जा चुका है और आगे भी चयन प्रक्रिया जारी रहेगी। सरकार का मानना है कि इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।