DataCenter – उत्तर प्रदेश ने नई डाटा सेंटर नीति को दी मंजूरी, निवेश पर रहेगा विशेष फोकस
DataCenter- उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य को देश के प्रमुख डिजिटल अवसंरचना केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए डाटा सेंटर नीति-2026 को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में स्वीकृत इस नीति का उद्देश्य आधुनिक डाटा सेंटरों की स्थापना को प्रोत्साहित करना, Artificial Intelligence आधारित तकनीकी ढांचे को मजबूत बनाना और बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करना है। सरकार का लक्ष्य नई नीति के माध्यम से दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश लाना और दो गीगावाट से अधिक अतिरिक्त डाटा सेंटर क्षमता विकसित करना है।

डिजिटल अवसंरचना को मजबूत बनाने पर जोर
आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि देश में Digital Services, UPI, DigiLocker, Artificial Intelligence और Data Security से जुड़ी जरूरतें लगातार बढ़ रही हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2021 की डाटा सेंटर नीति की समीक्षा की गई और वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप नई नीति तैयार की गई। सरकार का मानना है कि इस पहल से राज्य में डिजिटल इकोसिस्टम को नई गति मिलेगी और तकनीकी निवेश के लिए बेहतर माहौल तैयार होगा।
विभिन्न श्रेणियों के डाटा सेंटरों को मिलेगा प्रोत्साहन
नई नीति में 40 मेगावाट या उससे अधिक क्षमता वाले Data Center Park, 2 से 40 मेगावाट क्षमता वाली Data Center Unit और Edge Data Center के लिए कई प्रकार की वित्तीय और प्रशासनिक सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। इनमें भूमि संबंधी सहायता, पूंजी अनुदान, ब्याज अनुदान, स्टांप शुल्क में छूट, बिजली शुल्क में रियायत तथा अन्य आवश्यक प्रोत्साहन शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य निवेशकों को अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना और इस क्षेत्र में नई परियोजनाओं को बढ़ावा देना है।
AI आधारित परियोजनाओं को अतिरिक्त सहायता
नीति में Artificial Intelligence से जुड़ी अवसंरचना को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत न्यूनतम 700 GPU क्षमता वाले AI Compute Cluster स्थापित करने वाले Data Center Park को पूंजी अनुदान की सीमा में 10 करोड़ रुपये तक की अतिरिक्त सहायता और वार्षिक परिचालन सहायता के रूप में 2 करोड़ रुपये तक का लाभ दिया जाएगा। वहीं, कम से कम 350 GPU स्थापित करने वाली Data Center Unit को भी अतिरिक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे AI आधारित तकनीकी विकास को गति मिलेगी।
प्रमाणन और कनेक्टिविटी पर भी मिलेगी राहत
नई नीति के अनुसार, Tier-3 प्रमाणन शुल्क की 25 प्रतिशत तथा Tier-4 प्रमाणन शुल्क की 50 प्रतिशत तक प्रतिपूर्ति की जाएगी। इसके अलावा नए डाटा सेंटरों को वाणिज्यिक संचालन शुरू होने के पहले तीन वर्षों तक Internet Connectivity शुल्क का 25 प्रतिशत, अधिकतम 2.5 लाख रुपये प्रतिवर्ष तक, वापस दिया जाएगा। इन प्रावधानों का उद्देश्य परियोजनाओं की शुरुआती लागत कम करना और निवेशकों को प्रोत्साहित करना है।
बड़ी परियोजनाओं के लिए विशेष पैकेज
सरकार ने अत्यधिक क्षमता वाली परियोजनाओं को आकर्षित करने के लिए अलग व्यवस्था भी की है। नीति के तहत 500 मेगावाट से अधिक क्षमता वाले Data Center विकसित करने वाले निवेशकों को आवश्यकता के अनुसार विशेष प्रोत्साहन पैकेज प्रदान किया जा सकेगा। राज्य सरकार का मानना है कि इस नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से उत्तर प्रदेश डिजिटल निवेश, रोजगार सृजन और आधुनिक तकनीकी अवसंरचना के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित कर सकेगा।