CrimeNews – कानपुर दोहरे हत्याकांड के बाद मां ने लिया शहर छोड़ने का फैसला
CrimeNews – कानपुर के किदवईनगर इलाके में हुए दर्दनाक दोहरे हत्याकांड के बाद पीड़ित मां रेशमा ने शहर छोड़कर अपने गृह राज्य पश्चिम बंगाल लौटने का निर्णय लिया है। अपनी जुड़वां बेटियों को खोने के बाद वह गहरे सदमे में हैं। जिस घर में कभी बच्चों की खिलखिलाहट गूंजती थी, वहां अब खामोशी और दर्दनाक यादें ही बची हैं। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है और लोगों के बीच गहरा आक्रोश भी देखा जा रहा है।

सीसीटीवी में कैद हुई पूरी वारदात की गतिविधियां
जांच कर रहे इंस्पेक्टर बहादुर सिंह के अनुसार, आरोपी की हर हरकत सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है। फुटेज के मुताबिक, घटना की रात परिवार के सभी सदस्य अपने-अपने कमरों में सोने चले गए थे, जबकि आरोपी देर रात तक मोबाइल फोन पर व्यस्त रहा। इसके बाद उसने एक-एक कर बच्चियों के कमरे में जाना शुरू किया। रात 12:48 बजे वह पहली बार कमरे में दाखिल हुआ। करीब एक घंटे बाद उसने पहली बच्ची की हत्या कर दी। फिर कुछ समय के अंतराल के बाद उसने दूसरी बच्ची को भी निशाना बनाया।
हत्या के बाद आरोपी का सामान्य व्यवहार चौंकाने वाला
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पूरी तरह सामान्य दिखा। सुबह करीब 4:24 बजे वह कमरे से बाहर निकला और आराम से घर के अंदर घूमता रहा। इस दौरान वह दो बार किचन भी गया और सामान्य दिनचर्या की तरह व्यवहार करता रहा। इसके बाद उसने खुद ही पुलिस को फोन कर घटना की सूचना दी। पुलिस के मुताबिक, इस व्यवहार ने जांच को और जटिल बना दिया है।
शराब की लत और घरेलू तनाव की जांच जारी
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी शराब का आदी था और इसी वजह से परिवार में अक्सर विवाद होते थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना वाली रात भी पति-पत्नी के बीच झगड़ा हुआ था, जिसमें शराब ने स्थिति को और बिगाड़ दिया। हालांकि, जांचकर्ता केवल नशे को ही इस अपराध की वजह मानने से बच रहे हैं। वे पारिवारिक तनाव, मानसिक स्थिति और अन्य परिस्थितियों को भी बराबर महत्व दे रहे हैं।
पड़ोसियों के बयान से मिली अहम जानकारी
स्थानीय लोगों और पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि घर में पहले भी कई बार झगड़े होते थे। इन बयानों के आधार पर पुलिस आरोपी के व्यवहार और पारिवारिक माहौल का गहराई से विश्लेषण कर रही है। साथ ही उसके फोन रिकॉर्ड और दैनिक गतिविधियों की भी जांच की जा रही है ताकि घटना के पीछे की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।
मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने की कोशिश
मनोवैज्ञानिक संध्या शुक्ला का कहना है कि शराब सीधे तौर पर अपराध का कारण नहीं बनती, लेकिन यह व्यक्ति की सोचने और निर्णय लेने की क्षमता को कमजोर कर देती है। ऐसे में छोटी-छोटी बातें भी गंभीर विवाद में बदल जाती हैं। यही कारण है कि कई घरेलू हिंसा के मामलों में नशा एक सामान्य कारक के रूप में सामने आता है।
पूर्व की घटनाएं भी बढ़ा रहीं चिंता
कानपुर और आसपास के इलाकों में हाल के महीनों में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें शराब के बाद हिंसा बढ़ी। जनवरी 2026 में घाटमपुर में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और बच्चे की हत्या कर दी थी। दिसंबर 2025 में बर्रा और बिठूर क्षेत्रों में भी घरेलू विवाद के बाद हत्या की घटनाएं हुईं। इन मामलों ने समाज में बढ़ती घरेलू हिंसा और नशे की समस्या को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
आरोप पत्र में सामने आएंगे सभी तथ्य
पुलिस अब फोरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम निष्कर्ष और गवाहों के बयान को जोड़कर पूरी घटना की कड़ी तैयार कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोप पत्र में हत्या के पीछे की असली वजहों का विस्तार से खुलासा किया जाएगा। फिलहाल जांच जारी है और हर पहलू को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जा रही है।