Nutrition – रोजमर्रा की डाइट में विटामिन की कमी से बढ़ रही हैं स्वास्थ्य समस्याएं
Nutrition – हम अक्सर सुनते हैं कि सही खानपान ही बेहतर सेहत की कुंजी है, लेकिन बदलती जीवनशैली में यह बात धीरे-धीरे नजरअंदाज होती जा रही है। जल्दी और स्वाद के चक्कर में लोग ऐसी चीजें खा लेते हैं जो पेट तो भर देती हैं, मगर शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते। इसका असर यह हो रहा है कि कम उम्र में ही थकान, कमजोरी, बाल झड़ना, हड्डियों में दर्द और इम्युनिटी कमजोर होने जैसी दिक्कतें आम होती जा रही हैं।

डाइट और विटामिन्स का सीधा संबंध
विशेषज्ञों के अनुसार शरीर को सुचारु रूप से चलाने के लिए विटामिन ए, बी, सी और डी बेहद जरूरी होते हैं। ये विटामिन शरीर के अलग-अलग अंगों को मजबूती देते हैं और कई जरूरी प्रक्रियाओं को नियंत्रित करते हैं। अगर ये संतुलित मात्रा में न मिलें तो शरीर धीरे-धीरे कई समस्याओं का शिकार हो सकता है। इसलिए सिर्फ पेट भरना पर्याप्त नहीं, बल्कि संतुलित और पौष्टिक आहार लेना जरूरी है।
डायटीशियन की राय क्या कहती है
पुणे की डायटीशियन श्वेता गर्ग बताती हैं कि ये चारों विटामिन शरीर के लिए आधार की तरह काम करते हैं। विटामिन ए आंखों और इम्युनिटी के लिए जरूरी है, वहीं विटामिन बी ऊर्जा और दिमागी कार्यों में अहम भूमिका निभाता है। विटामिन सी शरीर को संक्रमण से बचाता है और त्वचा को स्वस्थ रखता है, जबकि विटामिन डी हड्डियों और दिल की मजबूती से जुड़ा होता है। इनकी कमी शरीर में अलग-अलग लक्षणों के रूप में दिखाई देती है।
विटामिन ए की कमी के संकेत
अगर आंखों की रोशनी कमजोर होने लगे या रात में देखने में दिक्कत आए तो यह विटामिन ए की कमी का संकेत हो सकता है। इसके अलावा त्वचा और इम्युनिटी पर भी इसका असर पड़ता है। गाजर, शकरकंद, कद्दू, पालक और मेथी जैसी हरी और पीले-नारंगी रंग की सब्जियां इस विटामिन के अच्छे स्रोत मानी जाती हैं। नियमित रूप से इन्हें खाने से इसकी कमी को दूर किया जा सकता है।
विटामिन बी की कमी से जुड़ी समस्याएं
विटामिन बी, खासकर बी12, शरीर में ऊर्जा बनाने और नर्वस सिस्टम को सही रखने के लिए जरूरी है। इसकी कमी से थकान, चक्कर, हाथ-पैरों में झुनझुनी और याददाश्त कमजोर होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ मामलों में एनीमिया और मानसिक भ्रम भी देखने को मिलता है। दूध, दही, पनीर, अंडे और मछली इसके अच्छे स्रोत हैं, हालांकि शाकाहारी लोगों में इसकी कमी ज्यादा पाई जाती है।
विटामिन सी का शरीर पर प्रभाव
विटामिन सी को मजबूत इम्युनिटी के लिए बेहद अहम माना जाता है। इसकी कमी होने पर बार-बार सर्दी-जुकाम, मसूड़ों से खून आना और घावों का देर से भरना जैसी समस्याएं सामने आती हैं। यह एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट भी है, जो शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों से बचाता है। आंवला, नींबू, संतरा, टमाटर और शिमला मिर्च जैसे खाद्य पदार्थ इसके प्रमुख स्रोत हैं।
विटामिन डी की कमी और असर
विटामिन डी शरीर में कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है, जिससे हड्डियां और दांत मजबूत रहते हैं। इसकी कमी से हड्डियों में दर्द, मांसपेशियों में कमजोरी और लगातार थकान महसूस हो सकती है। सूर्य की रोशनी इसका सबसे आसान और प्रभावी स्रोत है। इसके अलावा दूध, दही और अंडे भी इसमें मददगार होते हैं। रोजाना कुछ समय धूप में बिताना इसकी कमी को दूर रखने में सहायक हो सकता है।
संतुलित आहार की जरूरत क्यों बढ़ी
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग पोषण से ज्यादा सुविधा को प्राथमिकता देने लगे हैं, जिसका असर धीरे-धीरे स्वास्थ्य पर दिख रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि संतुलित डाइट अपनाकर और विटामिन्स का ध्यान रखकर कई बीमारियों से बचा जा सकता है। छोटे-छोटे बदलाव, जैसे ताजे फल और सब्जियां शामिल करना, नियमित रूप से धूप लेना और प्रोसेस्ड फूड कम करना, लंबे समय में बड़ा फर्क ला सकते हैं।