GoldPrice – इस सप्ताह सोना-चांदी के दामों में आई बड़ी नरमी
GoldPrice – सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए यह सप्ताह राहत भरा रहा। घरेलू सर्राफा बाजार में दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, बीते कुछ दिनों में सोना और चांदी दोनों के भाव काफी नीचे आए हैं। इससे निवेशकों और ग्राहकों के बीच बाजार की दिशा को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।

सोने की कीमतों में कितनी आई कमी?
IBJA के आंकड़ों के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का भाव सप्ताहभर में 6,438 रुपये घटकर 1,47,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पहले इसका मूल्य 1,54,238 रुपये प्रति 10 ग्राम था। इसी तरह अन्य शुद्धता वाले सोने में भी गिरावट देखने को मिली।
22 कैरेट सोना अब 1,35,385 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि सप्ताह की शुरुआत में इसका भाव 1,41,282 रुपये था। वहीं 18 कैरेट सोने की कीमत घटकर 1,10,850 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई, जो पहले 1,15,679 रुपये थी। सप्ताह के दौरान सोने का सबसे निचला स्तर 11 जून को दर्ज किया गया, जब इसका भाव 1,44,782 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था।
चांदी में भी दिखी तेज गिरावट
सोने के साथ-साथ चांदी के बाजार में भी दबाव बना रहा। सप्ताह के दौरान चांदी की कीमत में 14,326 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद चांदी का भाव घटकर 2,42,582 रुपये प्रति किलो रह गया, जबकि पहले यह 2,56,908 रुपये प्रति किलो के स्तर पर था।
कारोबारी आंकड़ों के अनुसार, चांदी का न्यूनतम भाव 11 जून को शाम के सत्र में 2,32,591 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया। वहीं सप्ताह का उच्चतम स्तर 9 जून को 2,45,938 रुपये प्रति किलो रहा। कीमतों में इस उतार-चढ़ाव ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का भी असर
वैश्विक बाजारों में भी कीमती धातुओं के भाव दबाव में रहे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना लगभग 4,248 डॉलर प्रति औंस और चांदी करीब 68 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करती दिखाई दी। वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और निवेशकों की बदलती रणनीतियों का असर भारतीय बाजार पर भी स्पष्ट रूप से देखा गया।
गिरावट के पीछे क्या हैं प्रमुख कारण?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती महंगाई की आशंकाओं और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण कई निवेशकों ने सोना और चांदी में मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी।
विशेषज्ञों के अनुसार, जब ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना मजबूत होती है, तब निवेशक सुरक्षित निवेश साधनों की बजाय अन्य विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं। इसका सीधा असर कीमती धातुओं की मांग और कीमतों पर पड़ता है।
लंबी अवधि में प्रदर्शन अब भी मजबूत
हालिया गिरावट के बावजूद पिछले एक वर्ष का प्रदर्शन देखें तो सोना और चांदी दोनों ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने ने बीते 12 महीनों में 24 प्रतिशत से अधिक और चांदी ने 87 प्रतिशत से ज्यादा का लाभ दिया है। यही वजह है कि कीमतों में मौजूदा नरमी के बावजूद निवेशकों की नजर अब भी इन धातुओं पर बनी हुई है।