उत्तर प्रदेश

CoachingAction – सुरक्षा मानकों की जांच में सील हुआ प्रयागराज का बड़ा कोचिंग संस्थान

CoachingAction – उत्तर प्रदेश में हाल ही में हुए एक भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासन ने शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा शुरू कर दी है। इसी क्रम में प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) ने सिविल लाइंस क्षेत्र में संचालित एक प्रमुख कोचिंग संस्थान के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि संस्थान के संचालन से जुड़े कुछ आवश्यक भूमि उपयोग और भवन संबंधी नियमों का पालन नहीं किया गया था।

प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद प्रदेशभर के कोचिंग केंद्रों में सुरक्षा और वैधानिक अनुमतियों को लेकर गंभीरता बढ़ गई है।

नियमों के उल्लंघन का आरोप

प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, संबंधित संस्थान का संचालन ऐसे भवन में किया जा रहा था जहां आवश्यक “Community Facility Land Use” की अनुमति उपलब्ध नहीं थी। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि भवन का उपयोग केवल व्यावसायिक नक्शे के आधार पर किया जा रहा था।

कार्रवाई के तहत संस्थान को सील कर दिया गया और मुख्य प्रवेश द्वार पर आधिकारिक नोटिस भी लगाया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सभी संस्थानों को निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है।

प्रदेशभर में चल रहा है निरीक्षण अभियान

यह कार्रवाई केवल प्रयागराज तक सीमित नहीं है। राज्य सरकार और स्थानीय विकास प्राधिकरणों ने विभिन्न शहरों में संचालित कोचिंग संस्थानों की जांच तेज कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, 50 से अधिक संस्थान फिलहाल जांच के दायरे में हैं।

निरीक्षण के दौरान भवन स्वीकृति, आपातकालीन निकास व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा उपाय, लिफ्ट सुरक्षा और Fire NOC जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच की जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता न हो।

वाराणसी और कानपुर में भी कार्रवाई

सुरक्षा मानकों की समीक्षा के दौरान वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) ने भी कई कोचिंग केंद्रों पर कार्रवाई की है। नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर आठ संस्थानों को सील किया गया है।

इसी तरह कानपुर में भी कई भवनों और कोचिंग परिसरों के खिलाफ प्रशासनिक कदम उठाए गए हैं। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों या भवन संबंधी नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है, उनके खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

हादसे के बाद बढ़ी सतर्कता

हाल में हुए दर्दनाक अग्निकांड में कई छात्रों की जान जाने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा शुरू की है। अधिकारियों का मानना है कि भीड़भाड़ वाले शैक्षणिक परिसरों में पर्याप्त सुरक्षा उपाय होना अत्यंत आवश्यक है।

विशेष रूप से आग लगने की स्थिति में सुरक्षित निकासी, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और भवन की संरचनात्मक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी कारण विभिन्न जिलों में संयुक्त निरीक्षण दल सक्रिय किए गए हैं।

छात्रों में भी दिखा आक्रोश

घटना के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच भी चिंता बढ़ी है। प्रयागराज में कई विद्यार्थियों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवाज उठाई और हादसे में प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। छात्रों ने कैंडल मार्च निकालकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

उनका कहना है कि शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ने आने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

सुरक्षा मानकों पर रहेगा फोकस

प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में निरीक्षण अभियान और तेज किया जाएगा। जिन संस्थानों के दस्तावेज, भवन मानक या सुरक्षा व्यवस्थाएं निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं पाई जाएंगी, उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य किसी संस्थान को निशाना बनाना नहीं, बल्कि छात्रों के लिए सुरक्षित और मानक अनुरूप शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना है

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