SearchOperation – दयारा बुग्याल में फिर तेज हुई लापता महिला की तलाश
SearchOperation – उत्तरकाशी जिले के दयारा बुग्याल ट्रैक क्षेत्र से लापता हुई महिला की तलाश एक बार फिर नए सिरे से शुरू कर दी गई है। पुलिस, वन विभाग और विभिन्न बचाव एजेंसियों की संयुक्त टीम ने खोज अभियान को दोबारा गति देते हुए उन इलाकों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है, जहां पहले विस्तृत जांच नहीं हो सकी थी। अधिकारियों का कहना है कि मामले के हर संभावित पहलू की जांच की जा रही है और खोज अभियान लगातार जारी रहेगा।

लापता महिला का अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिलने के कारण प्रशासन ने खोज अभियान को और व्यापक बनाने का निर्णय लिया है।
मई से लापता है महिला
जानकारी के अनुसार, रामनगर निवासी बबीता पांडे बीते 29 मई को दयारा बुग्याल क्षेत्र के गोई इलाके से अचानक लापता हो गई थीं। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस, वन विभाग और एसडीआरएफ ने तत्काल खोज अभियान शुरू किया था।
कई दिनों तक विभिन्न स्थानों पर तलाश किए जाने के बावजूद महिला का कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए अन्य केंद्रीय और विशेष एजेंसियों को भी अभियान में शामिल किया गया।
कई एजेंसियां रही हैं अभियान का हिस्सा
महिला की तलाश के लिए प्रशासन ने एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान जैसी संस्थाओं की सहायता ली। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में हवाई निगरानी के लिए हेलीकॉप्टर का भी उपयोग किया गया।
अधिकारियों के अनुसार, व्यापक स्तर पर की गई खोज के बावजूद अब तक कोई निर्णायक सुराग सामने नहीं आया है। यही कारण है कि अभियान को समय-समय पर नई रणनीति के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
नए क्षेत्रों में की जा रही तलाश
मंगलवार को अधिकारियों के नेतृत्व में खोज दल एक बार फिर दयारा ट्रैक क्षेत्र पहुंचा। इस बार टीम ने ट्रैक के समीप स्थित नटीण के घने जंगलों में विशेष सर्च अभियान चलाया।
बचावकर्मी उन स्थानों की भी जांच कर रहे हैं जहां वन्यजीवों, विशेष रूप से भालुओं की मौजूदगी की संभावना रहती है। अधिकारियों का मानना है कि खोज अभियान को सभी संभावित क्षेत्रों तक विस्तार देना आवश्यक है।
पानी के टैंक और खुदाई वाले स्थानों की भी जांच
सर्च टीम ने जंगल के भीतर मौजूद जल संग्रहण स्थलों और पानी के टैंकों की भी बारीकी से जांच की। इसके अलावा कुछ ऐसे स्थानों की दोबारा खुदाई की गई जहां पहले भी तलाशी अभियान चलाया गया था।
अधिकारियों के अनुसार, इन क्षेत्रों की पुनः जांच इसलिए की जा रही है ताकि किसी भी संभावित सुराग को नजरअंदाज न किया जाए। टीम हर छोटे-बड़े संकेत की जांच कर रही है।
तकनीकी जांच भी जारी
मैदानी खोज अभियान के साथ-साथ पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर भी जांच आगे बढ़ा रही है। मामले में पहले अपहरण की आशंका के तहत दो व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था और विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जांच शुरू की गई थी।
हालांकि, अब तक जांच एजेंसियों को कोई ऐसी जानकारी नहीं मिली है जिससे महिला के ठिकाने का स्पष्ट पता चल सके। पुलिस का कहना है कि तकनीकी और भौतिक दोनों स्तरों पर जांच जारी है।
अधिकारियों ने जताई उम्मीद
अभियान का नेतृत्व कर रहे अधिकारियों ने कहा कि पहले भी संबंधित क्षेत्र में तलाश की गई थी, लेकिन अब कुछ विशेष स्थानों पर अधिक गहनता से खोज की जा रही है। वन क्षेत्रों, संभावित वन्यजीव आवासों और अन्य दुर्गम इलाकों को प्राथमिकता दी जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि जब तक मामले में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल जाती, तब तक खोज अभियान जारी रखा जाएगा। विभिन्न एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं ताकि लापता महिला के संबंध में कोई महत्वपूर्ण सुराग मिल सके।