उत्तर प्रदेश

CashlessHealth – शिक्षकों के लिए अभी जारी रहेगा कैशलेस इलाज योजना का इंतजार

CashlessHealth – उत्तर प्रदेश में बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े लाखों शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइये तथा अन्य कर्मी अब भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री की घोषणा के कई महीने बीत जाने के बावजूद यह योजना अभी पूरी तरह लागू नहीं हो सकी है। योजना से संबंधित तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियां जारी हैं, लेकिन अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ही लाभार्थियों को इसका लाभ मिल सकेगा।

कार्ड और पोर्टल की तैयारी लगभग पूरी

सूत्रों के अनुसार योजना के तहत जारी किए जाने वाले स्वास्थ्य कार्ड तैयार किए जा चुके हैं, लेकिन उन्हें अभी अंतिम स्वीकृति नहीं मिली है। इस बीच संबंधित एजेंसी के सहयोग से ऑनलाइन पोर्टल भी विकसित किया गया है, ताकि पात्र कर्मचारियों का पंजीकरण और सत्यापन सुचारु रूप से किया जा सके। अधिकारियों का मानना है कि सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

बेसिक शिक्षा विभाग का डाटा अपलोड

योजना की तैयारियों के तहत बेसिक शिक्षा विभाग के एक लाख से अधिक शिक्षकों का विवरण पोर्टल पर दर्ज किया जा चुका है। इससे इस वर्ग के कर्मचारियों के लिए आगे की प्रक्रिया अपेक्षाकृत आसान मानी जा रही है। हालांकि अन्य शिक्षा विभागों का पूरा डाटा उपलब्ध न होने के कारण योजना का व्यापक क्रियान्वयन अभी संभव नहीं हो पाया है।

माध्यमिक शिक्षा विभाग में डाटा संग्रह की चुनौती

माध्यमिक शिक्षा विभाग के अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों से जुड़े 50 से अधिक जिलों का आवश्यक डाटा अब तक पूरी तरह प्राप्त नहीं हुआ है। इसी कारण योजना की प्रक्रिया निर्धारित समय के अनुसार आगे नहीं बढ़ सकी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सभी जिलों से आवश्यक सूचनाएं मिलने के बाद ही पात्र लाभार्थियों का सत्यापन और कार्ड वितरण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

जिलों को भेजे गए नए निर्देश

हाल ही में माध्यमिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने लखनऊ, अमेठी, रायबरेली, सीतापुर, गोंडा, अयोध्या सहित सभी संबंधित जिलों को आवश्यक सूचनाएं शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए हैं। विभाग के अनुसार कुछ जिलों ने विद्यालयों से निर्धारित प्रारूप में जानकारी उपलब्ध नहीं कराई, जबकि कई स्थानों पर जिला विद्यालय निरीक्षकों द्वारा संबंधित पोर्टल पर डाटा अपलोड नहीं किया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रधानाचार्यों से जानकारी प्राप्त कर जल्द से जल्द पोर्टल पर दर्ज कराएं।

डाटा पूरा होने के बाद बढ़ेगी प्रक्रिया

शिक्षा विभाग का मानना है कि सभी जिलों से आवश्यक जानकारी मिलने के बाद योजना को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज होगी। इसके बाद पात्र शिक्षकों और कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल योजना की शुरुआत की कोई नई आधिकारिक तिथि घोषित नहीं की गई है, लेकिन विभागीय स्तर पर लंबित प्रक्रियाओं को जल्द पूरा करने के प्रयास जारी हैं।

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