उत्तर प्रदेश

Ayushman – उत्तर प्रदेश में आयुष्मान योजना की जांच में कई अस्पतालों पर हुई कार्रवाई

Ayushman- उत्तर प्रदेश में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत सूचीबद्ध कई अस्पतालों में अनियमितताओं के मामले सामने आने के बाद राज्य स्वास्थ्य एजेंसी ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। औचक निरीक्षण के दौरान जांच टीम को उपचार प्रक्रिया और योजना के दिशा-निर्देशों के पालन में कई खामियां मिलीं। प्रारंभिक जांच के आधार पर संबंधित अस्पतालों के खिलाफ नोटिस जारी किए गए हैं और कुछ मामलों में भुगतान पर भी रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।

निरीक्षण में सामने आईं कई अनियमितताएं

राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (साचीज) द्वारा कराए गए निरीक्षण में पाया गया कि कुछ अस्पतालों में एक ही परिवार के सदस्यों को बार-बार भर्ती दिखाकर योजना के तहत भुगतान का दावा किया गया। जांच के दौरान ऐसे मामले भी सामने आए, जिनमें चिकित्सकीय आवश्यकता स्पष्ट न होने के बावजूद मरीजों को आईसीयू में भर्ती करने का उल्लेख मिला। इन मामलों की विस्तृत समीक्षा की जा रही है ताकि वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सके।

बिजनौर के अस्पतालों पर विशेष जांच

साचीज की मुख्य कार्यकारी अधिकारी अर्चना वर्मा ने बताया कि तीन सदस्यीय विशेष टीम ने बिजनौर जिले के 20 सूचीबद्ध अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया। जांच में 16 अस्पतालों में योजना के दिशा-निर्देशों और स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइन के पालन में कमी पाई गई। इसके आधार पर छह अस्पतालों को निलंबन संबंधी नोटिस जारी करते हुए उनके भुगतान पर रोक लगा दी गई है, जबकि 10 अन्य अस्पतालों को अनियमितताओं के संबंध में स्पष्टीकरण देने के लिए नोटिस भेजा गया है।

जुर्माने और जवाबदेही पर सख्ती

अर्चना वर्मा के अनुसार, जिन अस्पतालों में पहले से निर्धारित जुर्माना जमा नहीं किया गया है, वहां नए सिरे से जुर्माने का आकलन किया जाएगा। नियमों के अनुसार आवश्यक होने पर अधिक राशि का दंड भी लगाया जा सकता है। इसके अलावा संबंधित ऑडिट एजेंसी को भी नोटिस जारी किया गया है। मामले में जिला कार्यक्रम समन्वयक से भी कारण बताओ नोटिस के माध्यम से जवाब मांगा गया है।

गुणवत्ता मानकों के पालन पर जोर

राज्य स्वास्थ्य एजेंसी का कहना है कि आयुष्मान भारत योजना से जुड़े सभी अस्पतालों के लिए निर्धारित उपचार मानकों और गुणवत्ता संबंधी दिशानिर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। योजना का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा।

आगे भी जारी रहेगा निरीक्षण अभियान

साचीज ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के अन्य जिलों में भी निरीक्षण और निगरानी की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी। जिन अस्पतालों में जांच के दौरान नियमों के उल्लंघन या लाभार्थियों के हितों की अनदेखी के प्रमाण मिलेंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। एजेंसी का कहना है कि योजना की पारदर्शिता बनाए रखने और पात्र मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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