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TVKPolitics – तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर और गहराया सस्पेंस

TVKPolitics – तमिलनाडु में नई सरकार के गठन को लेकर जारी राजनीतिक अनिश्चितता शुक्रवार को और बढ़ गई। तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) प्रमुख और अभिनेता से राजनेता बने सी. जोसेफ विजय को अभी तक सरकार बनाने का निमंत्रण नहीं मिल पाया है। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने स्पष्ट किया है कि विधानसभा में आवश्यक बहुमत के बिना किसी भी दल को शपथ ग्रहण की अनुमति नहीं दी जा सकती।

चेन्नई स्थित राजभवन में शुक्रवार शाम विजय ने एक बार फिर राज्यपाल से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया। यह हाल के दिनों में उनकी तीसरी मुलाकात मानी जा रही है। राजनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हैं, क्योंकि राज्य में सत्ता गठन को लेकर तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है।

समर्थन पत्रों के साथ पेश किया दावा

राजभवन पहुंचकर विजय ने कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और माकपा के समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंपे। हालांकि, जिन दलों को संभावित सहयोगी माना जा रहा था, उनमें वीसीके और आईयूएमएल की ओर से अभी तक लिखित समर्थन नहीं दिया गया है।

सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि केवल मौखिक समर्थन के आधार पर सरकार गठन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जा सकती। संवैधानिक नियमों के तहत लिखित बहुमत जरूरी माना जा रहा है। इसी कारण फिलहाल शपथ ग्रहण की संभावनाएं टलती दिखाई दे रही हैं।

बहुमत के आंकड़े से अभी दूर टीवीके

23 अप्रैल को घोषित विधानसभा चुनाव परिणामों में टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई थी। लेकिन 234 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों का समर्थन आवश्यक है।

अब तक विजय के पक्ष में 116 विधायकों के लिखित समर्थन की जानकारी सामने आई है। ऐसे में बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े से पार्टी अभी दो सीट पीछे बताई जा रही है। राज्यपाल ने संकेत दिया है कि जब तक स्पष्ट बहुमत साबित नहीं होता, तब तक सरकार गठन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।

हॉर्स ट्रेडिंग के आरोपों से बढ़ा विवाद

इस राजनीतिक उठापटक के बीच एएमएमके प्रमुख टीटीवी दिनकरण ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी के विधायक कामराज लापता हैं और उन्हें शक है कि राजनीतिक दबाव या खरीद-फरोख्त की कोशिशें हो सकती हैं।

दिनकरण ने कहा कि विधायक हाल तक पुदुचेरी में एआईएडीएमके नेताओं के साथ थे, लेकिन अचानक उनका संपर्क टूट गया। उनका फोन भी बंद बताया जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इससे राज्य की राजनीति में तनाव और बढ़ गया है।

अगले कुछ घंटे रहेंगे अहम

राजनीतिक गतिविधियों के बीच विजय के साथ वरिष्ठ नेता एन. आनंद, केए सेंगोट्टायन और फिल्म निर्माता वेंकट के नारायण भी राजभवन पहुंचे थे। सूत्रों का कहना है कि इस बार की बैठक का माहौल पहले की तुलना में अधिक सकारात्मक रहा, लेकिन बहुमत का गणित अब भी सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है।

दूसरी ओर, अन्नाद्रमुक ने भी सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है। ऐसे में राज्यपाल के सामने अब विभिन्न दलों के दावों और समर्थन पत्रों की समीक्षा की चुनौती है। तमिलनाडु की राजनीति में अगले 24 घंटे बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं और सभी दल अपनी रणनीति मजबूत करने में जुटे हुए हैं।

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