TCSCase – नाशिक टीसीएस प्रकरण में आरोपी महिला को लेकर नया दावा
TCSCase – महाराष्ट्र के नाशिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) कार्यालय में सामने आए कथित धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न मामले ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में आरोपी बताई जा रही निदा खान को लेकर उसके परिवार ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। परिवार का कहना है कि निदा इस समय मुंबई में रह रही है और वह गर्भवती है। इसी बीच, उसने गिरफ्तारी से राहत पाने के लिए स्थानीय अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी भी दाखिल की है।

आरोपी की लोकेशन और मेडिकल स्थिति पर दावा
निदा खान के परिजनों का दावा है कि वह अपने पहले बच्चे की उम्मीद कर रही है, जिसे लेकर उसकी सेहत को ध्यान में रखते हुए कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। माना जा रहा है कि वह अपनी मेडिकल स्थिति को आधार बनाकर गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रही है। वहीं, मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर उसकी मेडिकल रिपोर्ट की भी जांच की जा सकती है, ताकि दावों की पुष्टि हो सके।
मामले की शुरुआत और जांच का दायरा
यह पूरा मामला 2021 में शुरू हुआ, जब 25 वर्षीय निदा खान ने नाशिक स्थित टीसीएस की बीपीओ यूनिट में काम करना शुरू किया। इसके बाद से फरवरी 2022 से मार्च 2024 के बीच कई शिकायतें सामने आईं। पुलिस के अनुसार, अब तक कुल नौ शिकायतों की जांच चल रही है, जिनमें यौन उत्पीड़न और कथित जबरन धर्मांतरण के आरोप शामिल हैं। इस मामले में सात कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें छह पुरुष और एक महिला एचआर प्रमुख शामिल हैं।
महिला कर्मचारियों ने लगाए गंभीर आरोप
जांच में शामिल अधिकारियों के मुताबिक, आठ महिला कर्मचारियों ने अपने वरिष्ठ सहयोगियों पर मानसिक और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने कंपनी के एचआर विभाग में कई बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उनकी बातों को नजरअंदाज कर दिया गया। आरोप है कि शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई नहीं होने से स्थिति और गंभीर होती गई।
शादी का झांसा और अनुचित व्यवहार के आरोप
एक आरोपी पर यह आरोप भी लगा है कि उसने शादी का वादा करके एक महिला कर्मचारी के साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके अलावा, महिला कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार, निजी जीवन पर टिप्पणी और कार्यस्थल पर अनुचित माहौल बनाने जैसे आरोप भी सामने आए हैं। जब यह मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा, तब भी पीड़ितों के मुताबिक अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।
धर्म से जुड़े आरोपों ने बढ़ाई गंभीरता
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि एक पुरुष कर्मचारी को जबरन नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया गया और उसके धर्म को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की गई। इस तरह के आरोपों ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। जांच एजेंसियां अब सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
जांच जारी, फरार आरोपियों की तलाश तेज
फिलहाल एसआईटी इस पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी है और जिन आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है, उनकी तलाश लगातार जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, अदालत में लंबित याचिकाओं पर भी नजर रखी जा रही है, जिससे कानूनी प्रक्रिया प्रभावित न हो।