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StatehoodDay – अरुणाचल और मिजोरम को प्रधानमंत्री की शुभकामनाएं

StatehoodDay – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम के राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर दोनों राज्यों के नागरिकों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने संदेश में इन पूर्वोत्तर राज्यों की प्राकृतिक छटा, सांस्कृतिक विविधता और लोगों की मेहनत की सराहना की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी दोनों राज्यों को बधाई देते हुए उनके सतत विकास और समृद्धि की कामना की।

अरुणाचल प्रदेश की विशेष पहचान

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में अरुणाचल प्रदेश को परंपरा और प्रकृति के सुंदर संतुलन का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि यहां के लोग उत्साह और परिश्रम के साथ देश की प्रगति में योगदान दे रहे हैं। राज्य की जनजातीय परंपराएं और सांस्कृतिक धरोहर भारत की विविधता को और समृद्ध बनाती हैं।

उन्होंने उम्मीद जताई कि अरुणाचल प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित करेगा और आने वाले वर्षों में बुनियादी ढांचे, शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में आगे बढ़ेगा। प्रधानमंत्री का यह संदेश ऐसे समय आया है जब पूर्वोत्तर क्षेत्र में कनेक्टिविटी और विकास परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और सामरिक महत्व

अरुणाचल प्रदेश को ‘उगते सूरज की भूमि’ के नाम से जाना जाता है। भूटान, चीन और म्यांमार से लगी इसकी सीमाएं इसे रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाती हैं। आजादी के बाद यह क्षेत्र नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी के रूप में जाना जाता था। वर्ष 1972 में इसे केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा मिला और 20 फरवरी 1987 को यह पूर्ण राज्य बना।

राज्य स्थापना दिवस पर विभिन्न जिलों में सांस्कृतिक कार्यक्रम और सरकारी आयोजन किए जाते हैं, जिनमें स्थानीय परंपराओं की झलक देखने को मिलती है।

मिजोरम के लिए प्रधानमंत्री का संदेश

प्रधानमंत्री ने मिजोरम के लोगों को भी बधाई देते हुए राज्य की प्राकृतिक सुंदरता और मजबूत सामुदायिक भावना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मिजो समाज में करुणा, सहयोग और अनुशासन की भावना स्पष्ट दिखाई देती है। यहां की सांस्कृतिक परंपराएं, लोकसंगीत और सामुदायिक जीवनशैली देश के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

उन्होंने आशा व्यक्त की कि मिजोरम आने वाले समय में शिक्षा, कृषि और पर्यटन के क्षेत्रों में नई उपलब्धियां हासिल करेगा। पूर्वोत्तर क्षेत्र के समग्र विकास में मिजोरम की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया।

मिजोरम के राज्य बनने की यात्रा

मिजोरम ने भी 20 फरवरी 1987 को पूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त किया था और यह भारत का 23वां राज्य बना। इससे पहले यह केंद्र शासित प्रदेश के रूप में प्रशासित होता था। राज्य स्थापना दिवस पर यहां विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम और आधिकारिक समारोह आयोजित किए जाते हैं, जिनमें स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी रहती है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने संदेश में कहा कि अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम की सांस्कृतिक विरासत और विकास के प्रति प्रतिबद्धता पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने दोनों राज्यों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

पूर्वोत्तर भारत के ये दोनों राज्य अपनी भौगोलिक स्थिति, सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक एकजुटता के कारण विशिष्ट पहचान रखते हैं। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर दिए गए संदेश इस क्षेत्र के महत्व और संभावनाओं को रेखांकित करते हैं।

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