SelfReliance – पीएम मोदी ने नौ जनसंकल्पों से दिया आत्मनिर्भर भारत का संदेश
SelfReliance – देश को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों के सामने नौ महत्वपूर्ण जनसंकल्प रखे हैं। कर्नाटक के मांड्या में बुधवार को दिए गए अपने संबोधन में उन्होंने लोगों से इन संकल्पों को रोजमर्रा की जिंदगी में अपनाने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर देशवासी इन बातों को गंभीरता से लागू करें, तो विकसित भारत का लक्ष्य अपेक्षा से कहीं जल्दी हासिल किया जा सकता है।

जनभागीदारी पर प्रधानमंत्री का जोर
अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने साफ किया कि देश के विकास में सरकार के साथ-साथ आम नागरिकों की भूमिका भी उतनी ही अहम है। उन्होंने कहा कि जब लोग छोटे-छोटे प्रयासों को आदत बना लेते हैं, तो उनका असर बड़े बदलाव के रूप में सामने आता है। उनका मानना है कि जनभागीदारी के बिना आत्मनिर्भर भारत का सपना अधूरा रहेगा।
पानी बचाने और जल प्रबंधन पर विशेष ध्यान
प्रधानमंत्री ने जल संरक्षण को सबसे जरूरी मुद्दों में शामिल करते हुए लोगों से पानी की बचत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पानी सबसे बड़ी चुनौती बन सकता है, इसलिए अभी से जागरूकता जरूरी है। बेहतर जल प्रबंधन और संसाधनों के सही उपयोग से इस संकट को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का जिक्र
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी लोगों को प्रेरित किया। उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पेड़ जरूर लगाना चाहिए। इससे न केवल पर्यावरण संतुलन बना रहेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी इसका लाभ मिलेगा।
स्वच्छता और फिटनेस को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील
प्रधानमंत्री ने स्वच्छता और फिटनेस को भी इन संकल्पों में शामिल करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर और साफ-सुथरा वातावरण एक मजबूत समाज की पहचान है। उन्होंने लोगों से रोजमर्रा की जिंदगी में फिटनेस को शामिल करने और अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की।
स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की सलाह
वोकल फॉर लोकल पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश के छोटे उद्योगों और कारीगरों को मजबूत बनाने के लिए स्थानीय उत्पादों का इस्तेमाल बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब लोग स्वदेशी चीजों को अपनाते हैं, तो इससे देश की अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलता है।
घरेलू पर्यटन को प्रोत्साहन देने की बात
प्रधानमंत्री ने घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि भारत में पर्यटन के लिए अनेक खूबसूरत और ऐतिहासिक स्थान हैं, जिन्हें देखने और समझने की जरूरत है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होते हैं।
विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर भरोसा
अपने संबोधन के अंत में पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि अगर देशवासी इन नौ संकल्पों को अपनाते हैं, तो विकसित भारत का सपना जल्द साकार होगा। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे कदम मिलकर बड़े बदलाव लाते हैं और यही देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं।