RoadSafety – चालक प्रशिक्षण और लेन अनुशासन पर गडकरी का बड़ा जोर, सड़क हादसों पर जताई चिंता
RoadSafety – देश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जताते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि केवल बेहतर सड़कें बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि वाहन चालकों को ट्रैफिक नियमों और लेन अनुशासन का व्यवस्थित प्रशिक्षण देना भी उतना ही जरूरी है। संसद में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि सड़क हादसों के पीछे कई कारण हो सकते हैं, लेकिन मानव व्यवहार और यातायात नियमों के पालन में कमी सबसे महत्वपूर्ण वजहों में शामिल है।

चालक प्रशिक्षण को बताया सड़क सुरक्षा की कुंजी
नितिन गडकरी ने कहा कि सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए ड्राइवरों को वैज्ञानिक तरीके से प्रशिक्षित करना समय की आवश्यकता है। उनका मानना है कि यदि वाहन चालक लेन अनुशासन, संकेतों और ट्रैफिक नियमों का सही ढंग से पालन करें तो बड़ी संख्या में होने वाली दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मौतों को कम किया जा सकता है। उन्होंने सड़क सुरक्षा को केवल कानून का विषय नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी बताया।
किन कारणों से बढ़ते हैं सड़क हादसे
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, दुर्घटनाओं के पीछे सबसे प्रमुख कारणों में अपर्याप्त प्रशिक्षण, ट्रैफिक नियमों की अनदेखी, गलत लेन में वाहन चलाना और बिना संकेत दिए अचानक लेन बदलना शामिल हैं। इसके अलावा तय सीमा से अधिक गति में वाहन चलाना और लापरवाहीपूर्ण ड्राइविंग भी बड़ी संख्या में गंभीर हादसों की वजह बन रही है।
राष्ट्रीय राजमार्गों के आंकड़ों में दिखा सकारात्मक संकेत
मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या में वर्ष 2025 के दौरान लगभग 4 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। वर्ष 2025 में राष्ट्रीय राजमार्गों पर 62,122 लोगों की जान गई, जबकि वर्ष 2024 में यह संख्या 64,772 और वर्ष 2023 में 63,112 थी। हालांकि मौतों में कमी आई है, लेकिन दुर्घटनाओं की संख्या अब भी चिंता का विषय बनी हुई है। वर्ष 2025 में राष्ट्रीय राजमार्गों पर कुल 1,43,526 सड़क हादसे दर्ज किए गए। वहीं वर्ष 2026 में 27 जुलाई तक ऐसे 77,234 मामले रिकॉर्ड किए जा चुके हैं।
देशभर में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति
देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से प्राप्त पुलिस आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में सड़क दुर्घटनाओं की कुल संख्या बढ़कर 5,13,563 पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 5.30 प्रतिशत अधिक है। इन हादसों में 1,83,382 लोगों की मौत दर्ज की गई। उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर औसतन हर घंटे करीब 21 लोगों की जान सड़क दुर्घटनाओं में गई, जो सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में गंभीर चुनौती की ओर संकेत करता है।
राज्यों के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता
राज्यवार विश्लेषण में तमिलनाडु सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाओं वाला राज्य रहा, जहां वर्ष 2025 के दौरान 71,387 हादसे दर्ज किए गए। वहीं सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक मौतों का आंकड़ा उत्तर प्रदेश में सामने आया, जहां इसी अवधि में 27,550 लोगों ने अपनी जान गंवाई। इन आंकड़ों के आधार पर केंद्र सरकार सड़क सुरक्षा उपायों को और प्रभावी बनाने पर जोर दे रही है।