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PrivacyRights – निजी जीवन में दखल पर भड़कीं फातिमा तहलिया, कानूनी कार्रवाई की दी चेतावनी

PrivacyRights – केरल की इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) की विधायक फातिमा तहलिया ने कुछ ऑनलाइन मीडिया चैनलों की कार्यशैली पर गंभीर आपत्ति जताते हुए स्पष्ट किया है कि उनके निजी जीवन में अनावश्यक हस्तक्षेप करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पेराम्ब्रा विधानसभा क्षेत्र से पहली बार चुनी गईं फातिमा ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति लगातार वीडियो बनाना और व्यक्तिगत गतिविधियों पर नजर रखना किसी भी जनप्रतिनिधि के लिए स्वीकार्य नहीं है।

सार्वजनिक जिम्मेदारी और निजी अधिकार का सवाल

फातिमा तहलिया ने कहा कि एक निर्वाचित प्रतिनिधि होने के कारण उन्हें विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग लेना पड़ता है और यह उनकी जिम्मेदारी का हिस्सा है। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के दिनों में कुछ लोग स्वयं को मीडिया प्रतिनिधि बताकर कार्यक्रम स्थलों पर पहुंच जाते हैं, जबकि उनके पास न तो कोई आधिकारिक पहचान होती है और न ही आवश्यक अनुमति। उनके अनुसार, ऐसे मामलों में आयोजकों द्वारा नियुक्त अधिकृत फोटोग्राफरों और वीडियोग्राफरों के अलावा अन्य लोगों की पहचान करना कठिन हो जाता है।

निजी पलों की रिकॉर्डिंग पर जताई नाराजगी

विधायक का कहना है कि कुछ लोग इस स्थिति का फायदा उठाकर उनकी सामान्य बातचीत, व्यक्तिगत व्यवहार और निजी क्षणों को रिकॉर्ड करते हैं। बाद में इन वीडियो को संदर्भ से हटाकर या भ्रामक तरीके से प्रस्तुत किया जाता है, जिससे लोगों के बीच गलत संदेश पहुंच सकता है। उन्होंने इसे निजता के अधिकार का उल्लंघन बताते हुए कहा कि साधारण घटनाओं को सनसनीखेज अंदाज में पेश करना केवल दर्शकों का ध्यान आकर्षित करने और आर्थिक लाभ कमाने का प्रयास है।

पीआर से जुड़े दावों को बताया निराधार

फातिमा तहलिया ने उन चर्चाओं को भी खारिज किया जिनमें कहा जा रहा था कि ऐसे ऑनलाइन चैनल उनके जनसंपर्क अभियान का हिस्सा हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इन दावों में कोई सच्चाई नहीं है। उनके अनुसार, सार्वजनिक स्थान पर मौजूद होने का अर्थ यह नहीं है कि किसी व्यक्ति की निजी सीमाएं समाप्त हो जाती हैं। बिना सहमति किसी के बेहद करीब जाकर वीडियो बनाना या लगातार उसका पीछा करना अनुचित और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार है।

कानूनी विकल्पों पर विचार

अपने बयान में विधायक ने चेतावनी दी कि यदि ऐसी गतिविधियां जारी रहीं तो वह इसे पीछा करने और निजता के उल्लंघन का मामला मानते हुए संबंधित व्यक्तियों और प्लेटफॉर्मों के खिलाफ कानूनी कदम उठाने पर विचार करेंगी। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी और पेशेवर मानकों का पालन भी उतना ही आवश्यक है।

हालिया घटनाओं के बीच उठा मुद्दा

यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब केरल में ऑनलाइन मीडिया की कार्यप्रणाली को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। हाल ही में अभिनेता सलीम कुमार के अंतिम संस्कार के दौरान कुछ मीडिया कर्मियों के व्यवहार की आलोचना हुई थी। उस दौरान भीड़ और अव्यवस्था के बीच अभिनेता के बेटे चंदू को हस्तक्षेप करना पड़ा था। इस घटना के बाद कई सार्वजनिक हस्तियों और राजनीतिक नेताओं ने मीडिया आचरण को लेकर चिंता व्यक्त की थी।

जिम्मेदार पत्रकारिता पर जोर

राज्य के वरिष्ठ नेताओं ने भी इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि केवल कानूनी प्रावधान पर्याप्त नहीं होंगे। मीडिया संस्थानों को भी अपने स्तर पर आचार संहिता और पेशेवर जिम्मेदारियों का पालन सुनिश्चित करना चाहिए। फातिमा तहलिया का ताजा बयान इसी व्यापक बहस को फिर से केंद्र में ले आया है, जिसमें सार्वजनिक व्यक्तियों की निजता और मीडिया की स्वतंत्रता के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है।

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