NIAProbe – अमता विस्फोट मामले में एनआईए की कार्रवाई, दो और आरोपी गिरफ्तार
NIAProbe – पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के अमता क्षेत्र में वर्ष 2022 में हुए बम विस्फोट मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। एजेंसी के अनुसार, दोनों आरोपी अवैध विस्फोटक सामग्री तैयार करने की गतिविधियों में शामिल थे। गिरफ्तारी से पहले एनआईए ने उनके संभावित ठिकानों पर तलाशी अभियान भी चलाया।

देर रात की गई कार्रवाई
एनआईए ने मंगलवार रात अमता इलाके के निवासी असफार मिड्ड्या और एंताजुल मिड्ड्या को हिरासत में लिया। अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई तीन अलग-अलग स्थानों पर की गई तलाशी के बाद की गई। जांच में दोनों के नाम मामले के प्रमुख आरोपियों के रूप में सामने आए हैं।
2022 के विस्फोट से जुड़ा है मामला
यह मामला 23 फरवरी 2022 को अमता थाना क्षेत्र के चंद्रपुर बाजार के निकट हुए विस्फोट से संबंधित है। जांच एजेंसी का कहना है कि उस समय अवैध रूप से देसी बम तैयार किए जा रहे थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह गतिविधि कथित तौर पर दोनों आरोपियों के निर्देशों पर संचालित की जा रही थी।
धमाके में एक व्यक्ति की हुई थी मौत
घटना के दौरान हुए विस्फोट में जहधर मोल्ला, मोहब्बत मोल्ला, मोइनुर रहमान और एसके महरम गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन बाद में एसके महरम ने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद मामले की जांच शुरू हुई थी, जो अब एनआईए के हाथों में है।
एनआईए ने जांच में जुटाए महत्वपूर्ण तथ्य
अप्रैल 2024 में एनआईए ने यह मामला स्थानीय पुलिस से अपने अधिकार क्षेत्र में लिया था। एजेंसी की जांच में सामने आया कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी कथित तौर पर विस्फोटक तैयार करने और उससे जुड़ी गतिविधियों का संचालन कर रहे थे। जांचकर्ताओं का मानना है कि इन बमों का इस्तेमाल क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करने के उद्देश्य से किया जाना था।
पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
एनआईए इस मामले में पहले ही चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। एजेंसी ने उनके खिलाफ आरोपपत्र भी दाखिल किया है। वर्तमान कार्रवाई को उसी जांच की अगली कड़ी माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है और आगे भी आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
जांच अभी जारी
एजेंसी फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अवैध विस्फोटक तैयार करने के नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे। जांच का दायरा विस्तृत रखा गया है ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाया जा सके और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सके।