NCPPolitics – मुंबई बैठक के बीच रोहित पवार ने अटकलों पर दी सफाई
NCPPolitics – मुंबई में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार ने बुधवार को पार्टी नेताओं के साथ एक अहम बैठक की। दक्षिण मुंबई स्थित वाईबी चव्हाण सेंटर में हुई इस बैठक में मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक में पार्टी सांसदों, विधायकों और पिछले विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार रहे नेताओं ने हिस्सा लिया।

बैठक के दौरान आगामी 10 जून को होने वाले पार्टी स्थापना दिवस कार्यक्रम की तैयारियों पर भी विचार-विमर्श किया गया। पार्टी नेतृत्व आगामी राजनीतिक चुनौतियों और संगठनात्मक विस्तार को लेकर सक्रिय नजर आया।
रोहित पवार की गैरमौजूदगी से उठे सवाल
इस महत्वपूर्ण बैठक में विधायक रोहित पवार की अनुपस्थिति ने राजनीतिक हलकों में चर्चाओं को जन्म दे दिया। सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर कई तरह के कयास लगाए जाने लगे। हालांकि रोहित पवार ने खुद सामने आकर इन अटकलों को खारिज कर दिया।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि उनके नाराज होने या पार्टी से दूरी बनाने जैसी बातें पूरी तरह गलत हैं। उन्होंने खुद को शरद पवार के मार्गदर्शन में काम करने वाला कार्यकर्ता बताया और कहा कि पार्टी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पहले जैसी ही बनी हुई है।
किसानों के मुद्दे को बताया प्राथमिकता
रोहित पवार ने बैठक में शामिल न हो पाने की वजह भी स्पष्ट की। उनके अनुसार कर्जत-जामखेड और आसपास के क्षेत्रों में किसानों के लिए पानी की समस्या गंभीर हो गई थी। इसी कारण उन्हें पुणे स्थित सिंचाई भवन जाना पड़ा।
उन्होंने कहा कि कुकडी क्षेत्र और जनई-शिरसाई परियोजना से जुड़े पानी वितरण के मुद्दे पर प्रशासनिक स्तर पर तुरंत हस्तक्षेप की जरूरत थी। रोहित ने आरोप लगाया कि अधिकारियों द्वारा समय पर कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के कई हिस्सों में किसान और आम लोग समस्याओं से जूझ रहे हैं और जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देना जरूरी है।
भाजपा में शामिल होने की चर्चाओं पर जवाब
पिछले कुछ समय से महाराष्ट्र की राजनीति में यह चर्चा तेज थी कि रोहित पवार भाजपा में शामिल हो सकते हैं। इन अटकलों के पीछे हाल में दिए गए उनके कुछ बयान बताए जा रहे थे। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि इन खबरों में कोई सच्चाई नहीं है।
रोहित पवार ने कहा कि अगर उन्हें राजनीतिक रूप से कोई और रास्ता चुनना होता तो वे पहले ही फैसला ले सकते थे। उन्होंने कहा कि अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय जनता के मुद्दों पर काम करना अधिक जरूरी है।
सत्ताधारी गुट में अंदरूनी हलचल की चर्चा
दूसरी ओर राज्य की राजनीति में सत्ताधारी गुट के भीतर भी हलचल की खबरें सामने आ रही हैं। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं की भूमिका को लेकर अंदरूनी असंतोष बढ़ा है। इसी बीच हाल ही में वरिष्ठ नेता सुनील तटकरे की शरद पवार से मुलाकात ने चर्चाओं को और तेज कर दिया।
महाराष्ट्र की राजनीति में लगातार बदलते समीकरणों के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रही गतिविधियों पर सभी की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में संगठनात्मक फैसले और राजनीतिक रणनीति राज्य की राजनीति को नया मोड़ दे सकती है।