MilitaryInsights – पूर्व सेना प्रमुख नरवणे ने किताब और सुरक्षा मुद्दों पर रखी राय
MilitaryInsights – भारत के पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने अपनी नई पुस्तक के बहाने कई अहम सैन्य और वैश्विक मुद्दों पर खुलकर विचार साझा किए हैं। एक साक्षात्कार में उन्होंने सेना की भूमिका, चीन और पाकिस्तान से जुड़े हालात, हालिया सैन्य अभियानों और अंतरराष्ट्रीय संघर्षों से मिलने वाली सीख पर विस्तार से बात की। बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी चर्चित लेकिन अप्रकाशित पुस्तक से जुड़े विवादों पर भी प्रतिक्रिया दी और स्पष्ट किया कि कई बातों को संदर्भ से हटाकर देखा गया।

नई किताब के पीछे का विचार
जनरल नरवणे ने बताया कि उनकी नई पुस्तक में कुल 25 अध्याय हैं और हर अध्याय अपने आप में एक अलग कहानी प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि यह किताब लिखने का विचार उन्हें एक अन्य पुस्तक पढ़ने के बाद आया, जिसमें भाषा और शब्दों के विभिन्न पहलुओं को रोचक तरीके से समझाया गया था। उसी से प्रेरित होकर उन्होंने सेना से जुड़े ऐसे किस्सों और तथ्यों को सामने लाने का निर्णय लिया, जिनके बारे में आम लोगों को कम जानकारी होती है। उनका उद्देश्य सैन्य इतिहास और परंपराओं को सरल और दिलचस्प अंदाज में पाठकों तक पहुंचाना रहा।
इतिहास से जुड़ी दिलचस्प कहानी
अपनी पसंदीदा अध्याय के बारे में बात करते हुए उन्होंने ‘चक दे फट्टे’ का जिक्र किया, जो उनके रेजिमेंट का एक प्रेरणादायक नारा भी रहा है। उन्होंने बताया कि यह सिर्फ एक लोकप्रिय वाक्य नहीं, बल्कि इसका संबंध इतिहास से जुड़ा हुआ है। पुराने समय में जब सिख योद्धा युद्ध के बाद लौटते थे, तो वे दुश्मन के पीछा करने से रोकने के लिए रास्ते के पुलों के लकड़ी के तख्ते हटा देते थे। इसी संदर्भ में यह वाक्य प्रयोग किया जाता था। उन्होंने कहा कि उनकी किताब में ऐसे कई प्रसंग शामिल हैं, जो सैन्य परंपराओं को समझने में मदद करते हैं।
विवादित किताब पर सफाई
‘फोर स्टार डेस्टिनी’ को लेकर उठे विवाद पर जनरल नरवणे ने कहा कि उन्होंने स्वयं उस पुस्तक की अंतिम प्रति नहीं देखी है। उनके अनुसार, यह स्पष्ट नहीं है कि जो सामग्री सार्वजनिक हुई, वह कहां से आई और उसकी प्रामाणिकता क्या है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रकाशक की ओर से यह कहा गया है कि इस नाम से कोई आधिकारिक प्रति जारी नहीं की गई है। ऐसे में इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
सैन्य आदेश और गलत व्याख्या का मुद्दा
एक चर्चित पंक्ति को लेकर उठे विवाद पर उन्होंने कहा कि सैन्य अभियानों के दौरान सेना को निर्णय लेने की स्वतंत्रता दी जाती है। इसका अर्थ यह होता है कि सरकार को सेना की क्षमता और निर्णयों पर पूरा भरोसा है। उन्होंने संकेत दिया कि किसी भी कथन को उसके व्यापक संदर्भ में समझना जरूरी होता है, न कि उसे अलग करके देखा जाए।
सेना और राजनीति के बीच अंतर
सेना के राजनीतिकरण के सवाल पर उन्होंने साफ कहा कि भारतीय सशस्त्र बल पूरी तरह पेशेवर और गैर-राजनीतिक हैं। उन्होंने समझाया कि सेना का काम केवल सरकार के निर्देशों का पालन करना होता है, जो कि उसकी संवैधानिक जिम्मेदारी है। इसे राजनीति से जोड़कर देखना सही नहीं है, क्योंकि आदेशों का पालन करना किसी भी अनुशासित संस्था का मूल आधार होता है।
चीन के साथ हालात पर प्रतिक्रिया
चीन के साथ सीमा पर हुए घटनाक्रम पर उन्होंने कहा कि किसी भी सैन्य सफलता के पीछे पूरे देश का सामूहिक प्रयास होता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारतीय सेना की कार्रवाई के चलते चीन की सेना को पीछे हटना पड़ा। उनके अनुसार, यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी, जिसे उसी नजर से देखा जाना चाहिए।
ऑपरेशन सिंदूर पर विचार
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर उन्होंने कहा कि इस अभियान में रणनीति के स्तर पर बदलाव देखने को मिला। इस बार केवल सीमित लक्ष्य नहीं, बल्कि व्यापक स्तर पर कार्रवाई की गई, जिससे स्पष्ट संदेश गया कि भारत अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर है। उन्होंने माना कि इस तरह के कदमों से पड़ोसी देशों को भी संकेत मिलता है कि किसी भी उकसावे की कीमत चुकानी पड़ सकती है।
वैश्विक संघर्षों से सीख
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे संघर्षों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हर युद्ध कुछ न कुछ सिखाता है। हालांकि असली विश्लेषण युद्ध के बाद ही संभव होता है, लेकिन मौजूदा हालात यह संकेत देते हैं कि आत्मनिर्भरता बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा, संसाधन और रक्षा जैसे क्षेत्रों में आत्मनिर्भर होना किसी भी देश की दीर्घकालिक सुरक्षा के लिए अहम है।
पाकिस्तान की रणनीति पर टिप्पणी
पाकिस्तान के रवैये पर उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों का लाभ उठाना उसकी पुरानी रणनीति रही है। इतिहास में कई बार उसने अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के दौरान खुद को महत्वपूर्ण भूमिका में दिखाने की कोशिश की है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऐसी नीतियों का दीर्घकालिक प्रभाव अक्सर नकारात्मक ही साबित होता है।