ManipurBlast – बिष्णुपुर में विस्फोट से दो मासूमों की हुई मौत, हालात तनावपूर्ण
ManipurBlast – मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में देर रात हुए एक विस्फोट ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। संदिग्ध उग्रवादियों द्वारा किए गए इस हमले में एक ही परिवार के दो छोटे बच्चों की जान चली गई, जबकि उनकी मां गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल बन गया है। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां हालात को संभालने में जुटी हैं।

रात के सन्नाटे में हुआ हमला
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह घटना मोइरांग ट्रोंगलाओबी इलाके में रात करीब एक बजे हुई, जब परिवार घर के भीतर सो रहा था। अचानक हुए तेज धमाके से पूरा घर हिल गया। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि पांच साल के बच्चे और छह महीने की शिशु की मौके पर ही मौत हो गई। घायल महिला को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
घटना के बाद लोगों में आक्रोश
इस दर्दनाक घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। सुबह होते ही बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने एक पेट्रोल पंप के पास खड़े तेल टैंकरों और एक ट्रक को आग के हवाले कर दिया। इसके अलावा, पुलिस थाने के बाहर टायर जलाकर रास्ता जाम किया गया और एक अस्थायी पुलिस चौकी को भी नुकसान पहुंचाया गया।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, जांच जारी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान भी शुरू कर दिया है। इसी दौरान पास के इलाके से एक और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि हमले की साजिश और बड़ी हो सकती थी। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की गहन जांच कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने की कड़ी निंदा
राज्य के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने इस घटना को बेहद दुखद और अमानवीय बताया है। उन्होंने कहा कि यह हमला न केवल निर्दोष लोगों पर हिंसा है, बल्कि राज्य में शांति व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश भी है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि दोषियों की पहचान कर उन्हें सख्त सजा दी जाएगी। उन्होंने लोगों से संयम बनाए रखने और शांति कायम रखने की अपील की।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और संवेदनाएं
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। एनपीपी के विधायक थ शांति सिंह ने इसे बेहद क्रूर कृत्य बताते हुए कहा कि ऐसे हमलों का समाज में कोई स्थान नहीं होना चाहिए। उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और मृत बच्चों को श्रद्धांजलि दी।
संवेदनशील इलाके में फिर बढ़ी चिंता
जिस क्षेत्र में यह घटना हुई है, वह पहले भी जातीय तनाव और हिंसा का केंद्र रहा है। चूराचांदपुर की पहाड़ियों के नजदीक स्थित इस इलाके में पिछले वर्षों में कई बार गोलीबारी और टकराव की घटनाएं सामने आई हैं। मई 2023 से शुरू हुए जातीय संघर्ष में अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं।
शांति बहाली की चुनौती
हालिया घटना ने एक बार फिर राज्य में शांति और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रही है। वहीं, प्रशासन की कोशिश है कि स्थिति को जल्द से जल्द सामान्य किया जाए और लोगों के बीच भरोसा बहाल किया जा सके।