KeralaCM – मुख्यमंत्री चयन से पहले कांग्रेस में बढ़ी अंदरूनी हलचल
KeralaCM – केरल में नई सरकार के गठन से पहले कांग्रेस के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। पार्टी नेतृत्व पर अब यह जिम्मेदारी है कि वह विधायक दल का नेता चुने, जो आगे चलकर राज्य का अगला मुख्यमंत्री बनेगा। इसी बीच कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं के समर्थक खुलकर मैदान में उतर आए हैं। तिरुवनंतपुरम से लेकर अन्य जिलों तक पोस्टर, फ्लेक्स बोर्ड और सोशल मीडिया अभियानों के जरिए नेताओं के समर्थन में माहौल बनाया जा रहा है।

पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में हुई विधायकों से चर्चा
कांग्रेस आलाकमान की ओर से नियुक्त पर्यवेक्षक मुकुल वासनिक और अजय माकन गुरुवार को तिरुवनंतपुरम पहुंचे। उन्होंने कांग्रेस विधायक दल की बैठक में हिस्सा लेने के साथ-साथ पार्टी के 63 विधायकों से अलग-अलग बातचीत की। इस दौरान इंदिरा भवन के आसपास सांसद केसी वेणुगोपाल के समर्थन में बड़े फ्लेक्स बोर्ड लगाए गए, जिससे राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गईं। हालांकि वेणुगोपाल ने इस बार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था।
इसी दौरान एक फ्लेक्स बोर्ड पर ग्रीस ऑयल फेंके जाने की घटना भी सामने आई, जिसके बाद समर्थकों के बीच तनाव की चर्चा होने लगी। हालांकि पार्टी नेतृत्व ने इस मामले पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया देने से परहेज किया।
वीडी सतीशन के समर्थन में भी दिखा उत्साह
राज्य के कई हिस्सों में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन के समर्थन में प्रदर्शन किए गए। अलप्पुझा और कन्नूर के इरिक्कुर क्षेत्र में उनके समर्थन वाले पोस्टर लगाए गए, जबकि कुछ जगहों पर केसी वेणुगोपाल के विरोध में भी नारेबाजी देखने को मिली। राजनीतिक हलकों में यह माना जा रहा है कि सतीशन को संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा के कई सहयोगी दलों का समर्थन मिल सकता है।
दूसरी तरफ, रमेश चेन्निथला के समर्थक सोशल मीडिया पर लगातार उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की मांग उठा रहे हैं। हालांकि जमीनी स्तर पर उनकी मौजूदगी अन्य दावेदारों की तुलना में कम दिखाई दी। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने अब तक किसी भी नाम पर खुलकर समर्थन देने से बचाव रखा है।
मुख्यमंत्री चयन का अधिकार शीर्ष नेतृत्व को
नवनिर्वाचित कांग्रेस विधायक दल ने एक प्रस्ताव पारित कर पार्टी अध्यक्ष को विधायक दल का नेता चुनने का अधिकार दे दिया है। इसी फैसले के बाद अब अंतिम निर्णय पूरी तरह कांग्रेस हाईकमान के हाथ में माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, पर्यवेक्षक अपनी रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को सौंप चुके हैं और जल्द ही दिल्ली में अंतिम दौर की बातचीत हो सकती है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधायक दल की राय के साथ-साथ सहयोगी दलों की सहमति को भी महत्व दिया जाएगा। यही वजह है कि पार्टी फिलहाल किसी जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय सभी पक्षों को संतुलित करने की कोशिश कर रही है।
मुरलीधरन बोले, लोकतांत्रिक प्रक्रिया में समय लगता है
वट्टियूरकावु सीट से निर्वाचित के. मुरलीधरन ने कहा कि कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टी में इस तरह की राजनीतिक सक्रियता सामान्य बात है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा के बाद पूरा संगठन एकजुट होकर फैसले का समर्थन करेगा।
मुरलीधरन ने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री चयन किसी नेता के फ्लेक्स बोर्ड या प्रचार के आधार पर नहीं होगा। उनके मुताबिक पार्टी नेतृत्व सभी विधायकों और सहयोगी दलों की राय लेकर लोकतांत्रिक तरीके से निर्णय करेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले कुछ दिनों में मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा हो सकती है।
अजय माकन ने दी प्रक्रिया की जानकारी
कांग्रेस पर्यवेक्षक अजय माकन ने बताया कि विधायकों से व्यक्तिगत बातचीत के बाद उनकी राय पार्टी अध्यक्ष तक पहुंचा दी गई है। उन्होंने कहा कि कई विधायकों ने सिर्फ नाम सुझाने के बजाय संगठन और सरकार से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन सभी सुझावों को रिपोर्ट में शामिल किया गया है।
अब सबकी नजर कांग्रेस नेतृत्व के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है, क्योंकि केरल में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है।