राष्ट्रीय

JaishThreat – सीसीटीवी निगरानी से नाकाम हुई बंगाल मुख्यमंत्री आवास की कथित रेकी

JaishThreat – पश्चिम बंगाल में कथित आतंकी साजिश से जुड़ी जांच के दौरान एक अहम जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसियों के अनुसार, जैश-ए-मोहम्मद से कथित तौर पर जुड़े हमीम मंडल ने पूछताछ में बताया कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के चिनार पार्क स्थित आवास और आसपास के इलाकों की रेकी करने की कोशिश की गई थी। हालांकि, पूरे क्षेत्र में लगे बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरों के कारण वह किसी भी प्रकार की तस्वीर या वीडियो रिकॉर्ड नहीं कर सका।

पूछताछ में सामने आई अहम जानकारी

पश्चिम बंगाल पुलिस के विशेष कार्य बल (STF) ने पिछले सप्ताह पूर्वी बर्दवान जिले से हमीम मंडल को गिरफ्तार किया था। इसके बाद STF और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उससे विस्तृत पूछताछ की। जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने मुख्यमंत्री के आवास और उनके संभावित आवागमन वाले मार्गों का निरीक्षण किया था, लेकिन हर ओर निगरानी कैमरे होने के कारण वह अपनी गतिविधियों को आगे नहीं बढ़ा सका।

पाकिस्तान से मिले थे सतर्क रहने के निर्देश

जांच अधिकारियों के अनुसार, मंडल ने यह भी बताया कि उसे पाकिस्तान में मौजूद कथित संचालकों की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि किसी भी संवेदनशील या वीवीआईपी स्थान की तस्वीरें या वीडियो बनाते समय सीसीटीवी कैमरों की नजर में आने से बचना है। इसी वजह से उसने इलाके में अपनी गतिविधियां सीमित रखीं और कोई डिजिटल सामग्री तैयार नहीं की।

काफिले के मार्ग का ऐसे करता था निरीक्षण

पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी कभी-कभी ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं का उपयोग कर मुख्यमंत्री के काफिले के नियमित मार्गों का निरीक्षण करता था। फिलहाल हमीम मंडल के साथ गिरफ्तार किए गए अर्पिता सरकार और आदित्य सिंह भी STF की हिरासत में हैं। जांच एजेंसियां तीनों से जुड़े नेटवर्क और संभावित संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं।

हनी ट्रैप नेटवर्क की भी जांच

जांच में यह भी दावा किया गया है कि अर्पिता सरकार का इस्तेमाल कथित तौर पर प्रभावशाली लोगों को हनी ट्रैप में फंसाने और बाद में ब्लैकमेल के जरिए धन उगाही के लिए किया जाता था। एजेंसियां इस पहलू की भी गहन जांच कर रही हैं और इससे जुड़े डिजिटल व वित्तीय साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

कई प्रभावशाली परिवार जांच के दायरे में

STF की शुरुआती जांच के अनुसार, आरोपी नेटवर्क ने पश्चिम बंगाल सरकार के कई प्रभावशाली लोगों और उनके परिवारों को निशाना बनाने की कोशिश की थी। अधिकारियों का कहना है कि अब तक की जांच में राज्य मंत्रिमंडल के कम से कम छह सदस्यों के परिजनों से जुड़े संभावित संपर्कों की जानकारी मिली है। इसके अलावा प्रशासनिक तंत्र से जुड़े कुछ अन्य प्रभावशाली व्यक्तियों के नाम भी जांच के दायरे में आए हैं।

जांच एजेंसियां जुटा रहीं साक्ष्य

जांच एजेंसियां इस पूरे मामले में डिजिटल रिकॉर्ड, संपर्क सूत्रों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों की पुष्टि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और एजेंसियां नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों की भूमिका का भी पता लगाने में जुटी हैं।

Back to top button

Adblock Detected

Please disable your AdBlocker first, and then you can watch everything easily.