ED – तमिलनाडु शिक्षक भर्ती घोटाले में 21 ठिकानों पर ईडी ने की बड़ी कार्रवाई
ED – प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तमिलनाडु के वर्ष 2017 शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में व्यापक कार्रवाई करते हुए चेन्नई, मदुरै, तिरुचिरापल्ली और कोयंबटूर में 21 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत की गई। जांच एजेंसी के अनुसार मामला सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों में लेक्चरर भर्ती परीक्षा के दौरान ओएमआर शीट में कथित हेरफेर से जुड़ा है।

ओएमआर शीट में बदलाव के आरोप
ईडी ने बताया कि उसकी जांच तमिलनाडु पुलिस द्वारा वर्ष 2017 में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू हुई थी। आरोप है कि परीक्षा के बाद ओएमआर शीट की स्कैनिंग प्रक्रिया के दौरान कुछ अभ्यर्थियों के उत्तरों में डिजिटल माध्यम से बदलाव किए गए। इसके लिए कथित रूप से 385 अतिरिक्त ओएमआर शीट तैयार की गईं, जिनका उपयोग चुनिंदा उम्मीदवारों के अंक बढ़ाने के लिए किया गया। जांच के अनुसार, इसी प्रक्रिया के जरिए 262 ऐसे अभ्यर्थियों को पात्र घोषित किया गया, जो मूल मूल्यांकन में चयन के योग्य नहीं थे।
शिकायतों के बाद सामने आया मामला
भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी का मामला सार्वजनिक हित याचिकाओं के माध्यम से सामने आया। इसके बाद उत्तर पुस्तिकाओं का दोबारा मूल्यांकन कराया गया और विवादित परिणाम को निरस्त कर दिया गया। तमिलनाडु पुलिस ने इस मामले में पहली आरोपपत्र वर्ष 2021 में और दूसरी आरोपपत्र अक्टूबर 2023 में अदालत में दाखिल की थी।
एजेंटों के नेटवर्क से धन जुटाने का आरोप
ईडी का दावा है कि जांच में कुछ प्रमुख आरोपियों और उनके सहयोगियों की भूमिका सामने आई है। एजेंसी के अनुसार, तकनीकी कर्मचारियों की मदद से परीक्षा प्रक्रिया में कथित छेड़छाड़ की गई और एजेंटों तथा बिचौलियों के जरिए इच्छुक अभ्यर्थियों से 14 से 16 लाख रुपये तक की नकद राशि वसूली गई। जांच में यह भी आरोप लगाया गया है कि इस धन को विभिन्न बैंक खातों, प्रॉक्सी कंपनियों और सहयोगियों के खातों के माध्यम से घुमाया गया, जिसके बाद निवेश अचल संपत्तियों और आभूषणों में किया गया।
तलाशी में नकदी और दस्तावेज बरामद
ईडी ने बताया कि तलाशी अभियान का उद्देश्य कथित अपराध से अर्जित संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन का पता लगाना था। कार्रवाई के दौरान एजेंसी ने 13.18 लाख रुपये नकद, विभिन्न सरकारी परीक्षाओं से जुड़ी ओएमआर शीट की प्रतियां, अभ्यर्थियों के दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। इसके अलावा 56 बैंक खातों और दो डीमैट खातों को फ्रीज किया गया है।
संपत्तियों की भी जांच जारी
जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों और उनसे जुड़े लोगों के नाम पर दर्ज 36 अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज भी अपने कब्जे में लिए गए हैं। इन संपत्तियों की गाइडलाइन वैल्यू लगभग 9.67 करोड़ रुपये बताई गई है, जबकि उनकी बाजार कीमत इससे कहीं अधिक होने का अनुमान है। ईडी ने कहा कि मामले में धनशोधन के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की जांच अभी जारी है।