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CrimeCase – गुरुग्राम बालिका दुष्कर्म मामले में सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई

CrimeCase – गुरुग्राम में चार साल की एक बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के मामले ने न्यायिक स्तर पर गंभीरता से ध्यान खींचा है। इस घटना की जांच केंद्रीय एजेंसी या विशेष जांच दल से कराने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए सहमति दे दी है। शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने मामले का संज्ञान लेते हुए इसे सोमवार के लिए सूचीबद्ध किया। पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली भी शामिल हैं।

तत्काल सुनवाई की मांग पर अदालत का रुख

इस मामले का उल्लेख वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने तत्काल सुनवाई के लिए किया था। उन्होंने अदालत के सामने घटना की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा कि मामले में अब तक की जांच संतोषजनक नहीं है। अदालत ने उनकी दलीलों को सुनने के बाद मामले को जल्द सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया, जिससे यह संकेत मिला कि शीर्ष अदालत इस प्रकरण को गंभीरता से देख रही है।

जांच में लापरवाही के आरोप

याचिकाकर्ता की ओर से पेश किए गए पक्ष में कहा गया कि बच्ची ने मजिस्ट्रेट के सामने घटना का विस्तृत बयान दर्ज कराया है, जिसमें पूरे घटनाक्रम का उल्लेख है। इसके बावजूद पुलिस की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और न ही घटनास्थल को सुरक्षित किया गया है। साथ ही, सीसीटीवी फुटेज जैसे अहम साक्ष्यों को भी एकत्र नहीं किया गया, जिससे जांच प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।

घरेलू कर्मचारियों पर संदेह

मामले में यह भी बताया गया कि घटना में घरेलू सहायिकाओं की संभावित भूमिका को लेकर संदेह है। इसके बावजूद जांच एजेंसियों की ओर से इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए जाने की बात सामने आई है। इस पहलू को लेकर भी याचिका में चिंता जताई गई है, क्योंकि इससे साक्ष्यों के प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।

उच्च न्यायालय जाने की सलाह और बहस

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने शुरुआत में याचिकाकर्ताओं को संबंधित उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की सलाह दी। हालांकि, वरिष्ठ अधिवक्ता ने तर्क दिया कि मामला बेहद संवेदनशील है और इसमें सर्वोच्च अदालत के हस्तक्षेप से एक स्पष्ट संदेश जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि संबंधित उच्च न्यायालय चंडीगढ़ में स्थित है, जबकि पीड़िता का परिवार गुरुग्राम में रहता है, जिससे व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

सोमवार को होगी अगली सुनवाई

अदालत ने सभी पक्षों की बात सुनने के बाद मामले को सोमवार के लिए सूचीबद्ध कर दिया है। अब इस सुनवाई में यह तय होने की संभावना है कि जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपी जाए या मौजूदा जांच को ही आगे बढ़ाया जाए। इस मामले पर देशभर की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि यह न केवल एक गंभीर अपराध से जुड़ा है, बल्कि जांच की पारदर्शिता और न्याय प्रक्रिया की विश्वसनीयता से भी संबंधित है।

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