Assembly – पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए आगे आया रथींद्र बोस का नाम
Assembly – पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई सरकार बनने के बाद अब विधानसभा अध्यक्ष पद को लेकर भी हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने कूच बिहार दक्षिण से विधायक चुने गए रथींद्र बोस को 18वीं विधानसभा के अध्यक्ष पद का उम्मीदवार घोषित किया है। पार्टी की ओर से यह घोषणा ऐसे समय में की गई है, जब राज्य में पहली बार भाजपा की सरकार बनने के बाद नए राजनीतिक समीकरण तेजी से उभर रहे हैं।

शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार को सोशल मीडिया मंच एक्स के जरिए रथींद्र बोस के नाम की आधिकारिक घोषणा की। उन्होंने कहा कि बोस लंबे समय से संगठन और जनसेवा से जुड़े रहे हैं तथा विधानसभा संचालन की जिम्मेदारी संभालने के लिए उपयुक्त उम्मीदवार हैं। अधिकारी ने यह भी उम्मीद जताई कि विभिन्न राजनीतिक दल इस पद के लिए उनके नाम का समर्थन करेंगे और उन्हें सर्वसम्मति से चुना जा सकता है।
राजनीतिक हलकों में इस घोषणा के बाद चर्चाएं तेज हो गई हैं। विधानसभा अध्यक्ष का पद राज्य की संसदीय कार्यवाही के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि सदन की कार्यवाही का संचालन और नियमों का पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी इसी पद पर होती है।
कूच बिहार दक्षिण सीट से दर्ज की बड़ी जीत
रथींद्र बोस ने हालिया विधानसभा चुनाव में कूच बिहार दक्षिण सीट से उल्लेखनीय जीत हासिल की थी। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी अविजित डे भौमिक को 23 हजार से अधिक मतों के अंतर से हराया। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, बोस को एक लाख से ज्यादा वोट मिले थे, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी को करीब 85 हजार मत प्राप्त हुए।
इस सीट पर मतगणना के दौरान मुकाबला काफी रोचक बना रहा। शुरुआती दौर में दोनों प्रमुख दलों के उम्मीदवारों के बीच बढ़त का अंतर लगातार बदलता रहा, लेकिन बाद के चरणों में भाजपा उम्मीदवार ने निर्णायक बढ़त बना ली। अंतिम परिणाम आने तक बोस की जीत स्पष्ट हो चुकी थी।
बंगाल चुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक सफलता
इस बार के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव दर्ज किया। कुल 283 सीटों पर हुए चुनाव में पार्टी ने 200 से अधिक सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। यह पहली बार है जब भाजपा ने पश्चिम बंगाल में सरकार बनाने में सफलता प्राप्त की है।
दूसरी ओर, लंबे समय से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस को इस चुनाव में भारी नुकसान उठाना पड़ा। कई ऐसे क्षेत्रों में भी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा, जहां उसे मजबूत माना जाता था। कांग्रेस का प्रदर्शन भी उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा और पार्टी केवल दो सीटों तक सीमित रह गई।
शपथ ग्रहण समारोह में जुटे कई बड़े नेता
नई सरकार के गठन के बाद कोलकाता में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह राजनीतिक रूप से काफी अहम माना गया। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली और इसके साथ ही बंगाल में भाजपा शासन की औपचारिक शुरुआत हुई।
अब विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए रथींद्र बोस के नाम सामने आने के बाद माना जा रहा है कि राज्य की नई विधानसभा जल्द ही अपने कामकाज की औपचारिक प्रक्रिया शुरू करेगी। राजनीतिक पर्यवेक्षक इसे बंगाल की नई सत्ता व्यवस्था का अगला महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं।