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AssamElectionRow – बयानबाजी के बीच महिला आयोग पहुंचा नया विवाद

AssamElectionRow – असम विधानसभा चुनाव के बीच राजनीतिक माहौल लगातार तीखा होता जा रहा है और अब यह विवाद व्यक्तिगत आरोपों तक पहुंच गया है। असम जातीय परिषद की उम्मीदवार कुनकी चौधरी के परिवार ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ राष्ट्रीय महिला आयोग का दरवाजा खटखटाया है। कुनकी की मां सुजाता गुरूंग चौधरी ने 11 अप्रैल को दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया है कि चुनाव प्रचार के दौरान उनके बारे में भ्रामक और अपमानजनक बातें कही गईं।

चुनावी बयान पर उठा विवाद

शिकायत के अनुसार, मुख्यमंत्री द्वारा सार्वजनिक मंच से किए गए कुछ दावे उनके परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले थे। सुजाता चौधरी का कहना है कि ये बयान तथ्यों पर आधारित नहीं थे और इनका उद्देश्य उनकी बेटी की चुनावी छवि को प्रभावित करना था। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ के लिए व्यक्तिगत जीवन को मुद्दा बनाया गया।

मुख्यमंत्री के दावे क्या थे

दरअसल, चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने यह आरोप लगाया था कि सुजाता चौधरी ने सोशल मीडिया पर कुछ विवादित पोस्ट साझा किए थे। इनमें कथित तौर पर बीफ सेवन, कुछ समुदायों के खिलाफ टिप्पणी और पाकिस्तान के समर्थन से जुड़े आरोप शामिल थे। उन्होंने यह भी कहा था कि इन मामलों में कार्रवाई की जा सकती है।

आरोपों को किया खारिज

इन दावों को खारिज करते हुए सुजाता चौधरी ने कहा कि जिस तस्वीर के आधार पर आरोप लगाए गए, वह संदर्भ से हटकर पेश की गई है। उनके अनुसार, वह तस्वीर अमेरिका के डेनवर स्थित एक संस्थान की है, जहां वे किसी खाद्य वस्तु के बजाय एक सामान्य वस्तु पकड़े हुए थीं। उन्होंने इस संबंध में संबंधित संस्थान के अधिकारी का पत्र भी प्रस्तुत किया है, जिसमें तस्वीर की वास्तविकता स्पष्ट की गई है।

सोशल मीडिया पर बढ़ी परेशानी

शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस विवाद के बाद उनकी निजी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगीं। इनमें उनके नाबालिग बेटे की तस्वीरें भी शामिल थीं, जिन्हें बिना अनुमति साझा किया गया। उन्होंने कहा कि इसके कारण उन्हें ऑनलाइन ट्रोलिंग और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा।

भ्रामक सामग्री फैलाने का आरोप

सुजाता चौधरी ने आरोप लगाया कि कुछ अज्ञात सोशल मीडिया अकाउंट्स द्वारा उनकी छवि खराब करने के लिए संपादित तस्वीरें और तकनीकी माध्यम से तैयार सामग्री भी प्रसारित की गई। उनका कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से उनके परिवार की निजी जिंदगी प्रभावित हुई है और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है।

महिला आयोग से कार्रवाई की मांग

उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग से अनुरोध किया है कि मामले में तुरंत हस्तक्षेप किया जाए। उनकी मांग है कि सोशल मीडिया पर फैलाए गए आपत्तिजनक और भ्रामक कंटेंट को हटाया जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने अपने परिवार की निजता और सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की है।

निजी नागरिक होने का किया उल्लेख

सुजाता चौधरी ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका राजनीति से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि वे केवल इसलिए इस विवाद में आई हैं क्योंकि उनकी बेटी चुनाव लड़ रही हैं। उनका मानना है कि चुनावी माहौल में व्यक्तिगत आरोपों से बचना चाहिए और मुद्दों पर आधारित बहस को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

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