AIMIM News – धर्म परिवर्तन मामले में गिरफ्तार हुए एआईएमआईएम पार्षद मतीन पटेल
AIMIM News– महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से एआईएमआईएम के पार्षद मतीन पटेल को कथित धर्म परिवर्तन मामले में नामजद पूर्व टीसीएस कर्मचारी निदा खान को शरण देने के आरोपों के बीच पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। AIMIM News- अधिकारियों के अनुसार, अदालत के कई समन जारी होने के बावजूद पेश नहीं होने पर उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। वारंट के आधार पर पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ के लिए नासिक भेज दिया। इस बीच प्रशासन ने उनके आवास और कार्यालय पर नियमानुसार कार्रवाई भी शुरू की है।

गिरफ्तारी की वजह क्या बताई गई
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान मतीन पटेल पर आरोप लगा कि उन्होंने इस मामले में नामजद निदा खान को कथित तौर पर पनाह दी थी। जांच एजेंसियों ने उन्हें कई बार पूछताछ के लिए बुलाया, लेकिन निर्धारित तिथियों पर अदालत और जांच प्रक्रिया में उपस्थित नहीं होने के कारण उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। इसके बाद अदालत से जारी वारंट के आधार पर गिरफ्तारी की गई।
कैसे सामने आया पूरा मामला
यह मामला उस समय चर्चा में आया जब एक महिला ने अपने सहकर्मी दानिश शेख के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि विवाह का भरोसा देकर उसके साथ संबंध बनाए गए, जबकि आरोपी पहले से विवाहित था। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि बाद में पीड़िता पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया और उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया गया। इसी मामले की जांच के दौरान पूर्व टीसीएस कर्मचारी निदा खान का नाम भी सामने आया।
जांच में कई पहलुओं की पड़ताल
पुलिस विभिन्न शिकायतों के आधार पर महिला कर्मचारियों के कथित उत्पीड़न, धार्मिक दबाव, मानसिक प्रताड़ना और अन्य संबंधित आरोपों की जांच कर रही है। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोप है कि पीड़िता को धार्मिक साहित्य उपलब्ध कराया गया और कुछ डिजिटल माध्यमों के जरिए भी प्रभावित करने का प्रयास किया गया। हालांकि इन आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
निदा खान को मिल चुकी है जमानत
इस मामले में गिरफ्तार की गई पूर्व टीसीएस कर्मचारी निदा खान को पिछले महीने स्थानीय अदालत से जमानत मिल चुकी है। अदालत ने उनके आवेदन पर सुनवाई के दौरान प्रस्तुत परिस्थितियों पर विचार करते हुए राहत प्रदान की थी। दूसरी ओर, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने मामले में नाम आने वाले संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ आंतरिक कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया था। कंपनी ने दोहराया कि कार्यस्थल पर उत्पीड़न, भेदभाव या किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार के मामलों में उसकी Zero Tolerance Policy लागू रहती है और निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाती है।